कांवड़ यात्रा जैसे-जैसे अपने चरम की ओर बढ़ रही है, वैसे-वैसे उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सीमाओं पर प्रशासन की सख्ती भी बढ़ गई है। इस बार आस्था के साथ चलने वाले हाईटेक डीजे और भव्य साउंड सिस्टम पुलिस की जांच के दायरे में हैं। मुजफ्फरनगर के यूपी बॉर्डर पर पुलिस हर डीजे कांवड़ की ऊंचाई और चौड़ाई की नाप-तोल कर रही है। वहीं उत्तराखंड पहुंचे कसाना डीजे को उत्तराखंड पुलिस ने एस्कॉर्ट करते हुए यूपी बॉर्डर पर छोड़ गए।
सबसे अधिक चर्चा उस विशाल कसाना डीजे की हो रही है, जिसे उत्तराखंड पुलिस ने मानकों से अधिक आकार होने के कारण अपने राज्य से बाहर कर यूपी बॉर्डर तक एस्कॉर्ट कर छोड़ दिया। बताया जा रहा है कि इस हाईटेक डीजे सिस्टम की कीमत करोड़ों रुपये में है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी महंगी डिस्को लाइटिंग और अत्याधुनिक साउंड सिस्टम है। कांवड़ यात्रा में हर साल डीजे को लेकर होने वाली प्रतिस्पर्धा के कारण इनकी लंबाई, चौड़ाई और सजावट लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं , यूपी सरकार की गाइडलाइन के अनुसार कांवड़ यात्रा में चलने वाले डीजे की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट निर्धारित की गई है। इसी मानक का पालन कराने के लिए मुजफ्फरनगर पुलिस बॉर्डर पर लगातार वाहनों की माप कर रही है। जो डीजे तय सीमा से बड़े मिल रहे हैं, उन्हें या तो वापस किया जा रहा है या उनका चालान किया जा रहा है। पुलिस ने मानकों का उल्लंघन करने पर कश्यप नाम के एक डीजे का 50 हजार रुपये का चालान भी किया है।

