महाराष्ट्र और मुंबई के रेस्टोरेंट-होटल संचालकों में एक आईएएस अफसर का खौफ है।
फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ( FDA) कमिश्नर तुकाराम मुंढे की ऐसी दशहत है कि मुंबई के रेस्टोरेंट मालिक उनके नहीं आने की दुआ मांग रहे हैं।
महाराष्ट्र विधानसभा में एक बार फिर उन पर चर्चा हो रही है। हाल ही में तुकाराम मुंढे ने मुंबई के ब्रांडेड फूड प्रोडक्ट कंपनियों जैसे रुस्तम एंड कंपनी, नूर मोहम्मदी, शालीमार, आदित्य बिड़ला की वारसा और शेफ़ राहुल अकेरकर के रेस्टोरेंट फ्लिंट में छापेमारी की। उन्होंने दो महीने के भीतर पूरे महाराष्ट्र में 1100 से अधिक छापे मारे और 56 रेस्टोरेंट के फूड लाइसेंस कैंसल किए। उनके ताबड़तोड़ एक्शन का असर यह रहा कि एफडीए के लैब में पिछले 15 दिन में 8700 फूड सैंपल की जांच हुई, जबकि 2025 के 12 महीनों में 15,000 सैंपल की टेस्टिंग हुई थी।
तुकाराम मुंढे महाराष्ट्र के ऐसे आईएएस अफसर हैं, जिनका 20 साल में 25 ट्रांसफर हो चुके हैं। जब 25 मई को जब उन्होंने एफडीए कमिश्नर का चार्ज संभाला, होटल-रेस्टोरेंट संचालक सकते में आ गए। पद संभालने के तीन दिन बाद 28 मई को उन्होंने मिलावट के खिलाफ पूरे राज्य में अभियान चलाने की ऐलान किया। कारोबारी नवी मुंबई निगम कमिश्नर और 2022 में हेल्थ कमिश्नर के तौर पर उनके कार्यकाल को भूले नहीं हैं। आईएएस तुकाराम मुंढे अपने फैसलों के लिए मंत्री से भी भिड़ चुके हैं। 2016 में एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना विधानसभा में उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आ गई, मगर तुकाराम अपने काम करने के अंदाज से टस से मस नहीं हुए।i

