लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर रोहित शर्मा ने अपने बल्ले से उन सभी आलोचकों और तथाकथित सूत्रों के मुंह पर एक करारा तमाचा जड़ा है, जो पिछले कई महीनों से उन्हें जबरन रिटायर करने की साजिशें रच रहे थे।
‘हिटमैन’ ने संकट की घड़ी में एक ऐसी ऐतिहासिक और जांबाज शतकीय पारी खेली जिसने न केवल विरोधियों के हौसले पस्त कर दिए, बल्कि लॉर्ड्स में वनडे शतक लगाने वाले पहले भारतीय बनने का गौरव भी हासिल कर लिया। पिछले दिनों जो लोग उनकी उम्र और फॉर्म को लेकर सवाल उठा रहे थे, आज रोहित के इस रौद्र रूप को देखकर उनके पास छिपने के लिए जगह नहीं बची है, क्योंकि शेर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसकी दहाड़ कभी कम नहीं होती
मैदान पर जब टीम इंडिया 388 रनों के विशाल और नामुमकिन से लक्ष्य का पीछा करने उतरी, तब रोहित शर्मा ने मोर्चे से अगुवाई करते हुए अकेले अपने दम पर पूरे मैच का पासा पलट कर रख दिया। तस्वीरों में भी साफ गवाही मिल रही है कि उन्होंने विरोधी टीम के हर एक गेंदबाज की धज्जियां उड़ाते हुए 138 रनों की एक बेहद जुझारू और आक्रामक पारी खेली, जिसने टीम मैनेजमेंट और कोच को आईना दिखा दिया। जब आपकी पीठ पूरी तरह से दीवार से लगा दी जाए, तब रोहित जैसी जांबाज वापसी ही एक सच्चे महायोद्धा की असली पहचान होती है, जो किसी भी राजनीति के आगे घुटने टेकना नहीं जानता
इस ऐतिहासिक शंखनाद के बाद अब बीसीसीआई और सेलेक्टर्स के उन सभी बयानों की पूरी तरह से हवा निकल चुकी है, जिसमें रोहित शर्मा को 2027 के विश्व कप की योजनाओं से बाहर रखने की कोशिश की जा रही थी। क्रिकेट में रुतबा और सम्मान मैदान पर रनों से बनता है, बंद कमरों में बैठकर की जाने वाली गंदी राजनीति से नहीं, और रोहित ने आज पूरी दुनिया के सामने यह साबित कर दिखाया है। देश के सम्मान और क्रिकेट की गरिमा को एक बार फिर सर्वोपरि रखने वाले हमारे इस कप्तान का यह जवाब आगामी विश्व कप में भारत की बादशाहत को दोबारा कायम करने के लिए एक नए स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत है

