जिन्होंने दुर्गम क्षेत्र पूरा किया उनका ट्रांसफर दोबारा दुर्गम में कर दिया गया है और जो आज तक दुर्गम में नहीं गए वह आज सुगम में ही मस्ती काठ रहे है यह कैसा नियम सिंचाई विभाग पर उठ रहे है सवाल
ताजा मामला जनपद हरिद्वार में सहायक अभियंता ट्रांसफर पॉलिसी पर अब सवाल उठ रहे है क्योंकि एक सहायक अभियंता आज तक दुर्गम क्षेत्र नहीं काटा और वह सुगम में ही अपनी नौकरी पूरी कर रहा है पिछले 9 10 साल से सुगम क्षेत्र में ही जमा बैठा है जो यह कहता है कि किसी भी सिंचाई विभाग के अधिकारी में दम नहीं तो मेरा ट्रांसफर कर दे
उत्तराखंड सिंचाई विभाग में सहायक अभियंता क़ी ट्रांसफर पॉलिसी में उठे सवाल
जिन लोगों के द्वारा अधिगम क्षेत्र में 10 वर्ष से अधिक समय दिया है उन्हीं को दोबारा से दुर्गम क्षेत्र में भेजने की तैयारी की जा रही है परंतु कुछ लोग जो अभी तक दुर्गम क्षेत्र में रहे भी नहीं है सुगम क्षेत्र हरिद्वार देहरादून जैसे क्षेत्र में अपनी नौकरी काट रहे हैं उनके लिए कोई भी आदेश जारी नहीं किया गया यह सिंचाई विभाग पर सवाल उठ रहा हैं ताजा मामला हरिद्वार जनपद में एक सहायक अभियंता के ट्रांसफर को लेकर चर्चाओं में आ रहा है हरिद्वार में लगभग चार सहायक अभियंता है जो अपनी पूरी नौकरी शुगम क्षेत्र हरिद्वार में ही काट दी गई है जिन्होंने दुर्गम तक नहीं देखा है उनकी सेटिंग है या कुछ और मैटर है यह एक गंभीर विषय बना हुआ है और जो सहायक अभियंता 10 साल दुर्गम क्षेत्र में काटकर सम क्षेत्र में आया है उसका ट्रांसफर फिर दोबारा से कर दिया गया है जिससे यह सवाल उठ रहे हैं अब देखना होगा कि विभाग इसको कैसे देखा है!

