उत्तर प्रदेश की गवर्नर आनंदीबेन पटेल अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहती हैं. अब उन्होंने एक ऐसा बयान दिया है,
जिसपर बहस शुरू हो गई है. गवर्नर आनंदीबेन पटेल ने 9 जुलाई को कहा कि IAS अधिकारी या टीचर बनने की चाहत रखने से पहले महिलाओं को बेहतरीन मां बनने की कोशिश करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रोफेशनल सफलता परिवार की जिम्मेदारियों की कीमत पर नहीं मिलनी चाहिए.
गवर्नर आनंदीबेन पटेल कानपुर की एक यूनिवर्सिटी के 41वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रही थीं. इसी दौरान उन्होंने वहां मौजूद गर्ल्स स्टूडेंट्स से कहा कि वे शादी के बाद भी अपनी शिक्षा और करियर पर फोकस करें. साथ ही अपने परिवार और समाज के लिए योगदान दें.
स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और और फैकल्टी को संबोधित करते हुए गवर्नर ने कहा कि पढ़ाई के साथ पारिवारिक मूल्य, माता-पिता की जिम्मेदारी और चरित्र-निर्माण भी जरूरी है.
उन्होंने विश्वविद्यालयों को छात्राओं के नियमित स्वास्थ्य जांच करने, BMI जांच की सुविधाएं लगाने, महिलाओं की सेहत पर वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ावा देने और ‘गर्भ संस्कार’ पर कोर्स शुरू करने का निर्देश दिया. इसमें मां का पोषण, भ्रूण का विकास और स्वस्थ गर्भावस्था जैसे विषय शामिल हों. उन्होंने बाल विवाह और लिंग भेदभाव के खिलाफ अभियान चलाने की भी बात कही. लखनऊ में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी के 24वें दीक्षांत समारोह में, गवर्नर ने स्टूडेंट्स को शादी से पहले आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की सलाह दी. उन्होंने कहा, अगर आप किसी को पसंद करते हैं, तो पहले आत्मनिर्भर बनें, फिर शादी करें

