अवैध खनन रोकने के मामले में सुर्खियां बटोरने वाले SDO सस्पेंड, ये रही वजह
चकराता और कालसी क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर सुर्खियां बटोरने वाले वन विभाग के एसडीओ राजीव नयन को सस्पेंड कर दिया गया है.
देहरादून: उत्तराखंड में पिछले लंबे समय से अवैध खनन पर सार्वजनिक बयान देने वाले वन विभाग के एसडीओ को निलंबित किया गया है. यह मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि एसडीओ राजीव नयन काफी समय से अवैध खनन के खिलाफ बयान दे रहे थे और उनके प्रयासों के बाद ही देहरादून जिलाधिकारी ने भी इस मामले में जांच के आदेश दिए थे.
हैरत की बात यह है कि प्रकरण में अभी अवैध खनन को लेकर जांच के बाद कोई स्थिति स्पष्ट भी नहीं हुई थी कि उल्टा एसडीओ राजीव नयन पर ही तमाम लापरवाहियों और अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने के आरोपों के साथ कार्रवाई कर दी गई. राजीव नयन पर यह कार्रवाई वन मंत्री सुबोध उनियाल के बहुउद्देशीय शिविर में अनुपस्थित रहने को लेकर हुई है, इसके अलावा उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यों का ठीक से निर्वहन नहीं किया और उच्च स्तर से दिए गए आदेशों पर भी गंभीरता नहीं दिखाई.
यह सब तब हो रहा है जब राजीव नयन अवैध खनन के मामले में सरकार और विभाग के सामने मोर्चा खोलकर खड़े हुए हैं. इस मामले में राजीव नयन को पहले कारण बताओं नोटिस जारी किया गया जिसमें जवाब संतोषजनक नहीं होने की बात कही गई. खास बात यह है की प्रमुख वन संरक्षक हॉफ ने अपने रिटायरमेंट से ठीक पहले शासन को एसडीओ के खिलाफ इन तमाम कार्रवाईयों से जुड़ी पत्रावलियां भेजी है. जाहिर है की सेवानिवृत्ति से ठीक पहले उन्होंने विभाग के एसडीओ के खिलाफ पत्रावलियों से जुड़ी सभी औपचारिकताओं को पूरा किया, और शासन ने भी फौरन प्रमुख वन संरक्षक की इन्हीं पत्रावलियों के आधार पर निलंबन का आदेश जारी कर दिया.
इस मामले में एसडीओ राजीव नयन से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया. हालांकि इस पूरे प्रकरण में उनके अवैध खनन को लेकर सार्वजनिक बयान और विरोध की भी खूब चर्चाएं हैं, बड़ी बात यह है कि पूर्व में कथित अवैध खनन मामले को लेकर कई लोगों से उनका सार्वजनिक विवाद भी सामने आया था जिसमें एसडीओ के साथ मारपीट के आरोप खनन से जुड़े व्यवसाईयों पर लगाए गए थे. फिलहाल आदेश में अब एसडीओ को मुख्य वन संरक्षक पौड़ी कार्यालय में संबद्ध किया गया है.

