उत्तराखंड आंदोलनकारी पर बर्बरता से गोलीबारी करने वालाे को मुजफ्फरनगर कोर्ट ने सुनाई सजा

रामपुर तिराया कांड उत्तराखंड वाले नहीं भूले आज सुनवाई में तीन आरोपियों को सजा सुनाई गई
1994 उत्तराखंड आंदोलन के लिए दिल्ली प्रस्थान करते हुए आंदोलनकारी की बस को मुजफ्फरनगर किराया कांड पर रोक कर कुछ विधर्मी पुलिस कर्मियों के द्वारा मारपीट की गई महिलाओं की साथ बदतमीजी की गई मुजफ्फरनगर कोर्ट में 30 साल से चलती आ रही है जिसमें आज कोर्ट द्वारा अहम निर्णय लेते हुए तत्कालीन इंस्पेक्टर बृज किशोर आरक्षक अनिल कुमार उमेश कुमार को दोषी मानते हुए कोर्ट ने 5000 जुर्माना 2 साल की कारावास की सजा सुनाए इस मुकदमे को लड़ते हुए उत्तराखंड आंदोलनकारी 30 साल से केस लड़ रही है 30 साल बाद जाकर आज न्याय मिला है यह उत्तराखंड के लिए बड़ा दिन है मुजफ्फरनगर कोर्ट के द्वारा यह बड़ा निर्णय दिया गया है इस केस को लड़ते हुए बागेश्वर टमटा जी एवं उनकी टीम को बहुत-बहुत बधाई ध

