केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं।
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे से लौटने के बाद मंत्रिपरिषद में बदलाव की घोषणा की जा सकती है। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से अब तक फेरबदल की तारीख या संभावित बदलावों को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सूत्रों का कहना है कि इस बार कैबिनेट विस्तार और फेरबदल में उन नेताओं को भी जगह मिल सकती है, जिन्होंने हाल के राजनीतिक घटनाक्रम के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का समर्थन किया है। हालांकि, इसे लेकर भी आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रधानमंत्री का आगामी व्यस्त कार्यक्रम भी फेरबदल के समय को प्रभावित कर सकता है। संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरू होना है। ऐसे में अटकलें हैं कि उससे पहले मंत्रिपरिषद में बदलाव किए जा सकते हैं। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद यह पहला संभावित कैबिनेट फेरबदल होगा।
राजनीतिक चर्चाओं में भाजपा सांसद अरुण गोविल, शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे, पूर्व RBI गवर्नर शक्तिकांत दास, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, संजय दीना पाटिल, वीडी शर्मा, तरुण चुघ और राघव चड्ढा सहित कई नामों की चर्चा हो रही है। हालांकि, इनमें से किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इसी तरह शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, रवनीत सिंह बिट्टू और हरदीप सिंह पुरी के मंत्रालयों में बदलाव या फेरबदल की भी अटकलें लगाई जा रही हैं। साथ ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के विभागों में संभावित बदलाव की भी चर्चा है। हालांकि, सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, सामाजिक संतुलन और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए मंत्रिपरिषद में बदलाव पर विचार कर रही है। अंतिम निर्णय और आधिकारिक घोषणा प्रधानमंत्री कार्यालय तथा केंद्र सरकार की ओर से ही की जाएगी।

