निर्जला एकादशी पर आज श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक जी एवं बाबू फूल वाले के सहयोग से निर्मल एवं शीतल जल मिश्रित कार्यक्रम किया गया जिसमें ज्वालापुर विधायक रवि बहादुर सिंह कार्तिकेय महाराज राधे शर्मा अनेक सहयोगी मौजूद रहे सभी के द्वारा राजगीर को जल एवं जलजीरा वितरित किया गया /

निर्जला एकादशी का महत्व
हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी को सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण एकादशी माना जाता है बिना जल और अन्न के रखे जाने वाले इस कठिन व्रत को करने से पूरे साल की सभी 24 एकादशियों के व्रत का पुण्य फल प्राप्त हो जाता है。इसे ‘भीमसेनी एकादशी’ भी कहते हैं。निर्जला एकादशी का मुख्य महत्व:सभी एकादशियों का पुण्य: पद्म पुराण के अनुसार, जो व्यक्ति साल भर के सभी व्रतों को करने में असमर्थ हो, वह केवल इस एक व्रत को करके साल भर के व्रतों का फल प्राप्त कर सकता है。मोक्ष की प्राप्ति: यह व्रत भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है。इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर सभी पाप नष्ट होते हैं और मृत्यु के पश्चात सीधे वैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है。जल दान का महत्व: इस दिन जल, शरबत, ठंडी वस्तुएं और छाता दान करने का विशेष महत्व है
जल वितरित करने का महत्व
भीषण गर्मी में प्यासे लोगों की मदद करना बहुत पुण्यकारी माना जाता है निर्जला एकादशी के दिन लोगों को जल वितरित करने से बड़ा पुण्य मिलता है प्यासे को पानी पिलाना का एक महत्व है आज हरिद्वार में जगह-जगह जल वितरित कार्यक्रम किया जा रहे हैं यह हिंदू मान्यता के अनुसार एक पुण्य का कार्य माना जाता है सनातन में प्यासे को पानी पिलाने पिया लेने का एक अपना महत्व पर निर्जला एकादशी पर जगह-जगह सामाजिक कार्यकर्ता एवं लोगों के द्वारा जल वितरित किया जाते हैं /

