अभिषेक शर्मा हत्याकांड: 10 फरवरी से अब तक पुलिस के हाथ खाली! आखिर कब मिलेगा न्याय?
नेठराना गांव के 13 वर्षीय मासूम बच्चे, कक्षा 8वीं के छात्र अभिषेक शर्मा की बेरहमी से हत्या हुए महीनों बीत चुके हैं, लेकिन गोगामेड़ी पुलिस और प्रशासन आज भी अंधेरे में तीर चला रहा है। 10 फरवरी को जो बच्चा घर से लापता हुआ, अगले ही दिन उसका शव गांव के कुएं में मिला। गले पर चोट के निशान साफ गवाही दे रहे थे कि यह एक सोची-समझी हत्या थी।
एसआईटी (SIT) का गठन भी हुआ, बीकानेर आईजी से लेकर तमाम बड़े अधिकारियों ने आश्वासन भी दिए, ग्रामीणों ने न्याय के लिए सड़कों पर उतरकर कई बार थाने का घेराव भी किया, लेकिन नतीजा? शून्य!
यह बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है कि आज के आधुनिक दौर में भी हमारी पुलिस इतनी बेबस नजर आ रही है। आखिर क्या वजह है कि हत्यारे अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं? क्या नेठराना का यह केस भी नोहर-भादरा के पुराने अनसुलझे मामलों की तरह फाइलों में दफन हो जाएगा?
एक मां-बाप ने अपना लाडला खोया है, पूरे क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि इस ढुलमुल रवैये को छोड़ अपराधियों को तुरंत बेनकाब किया जाए।
न्याय में देरी, न्याय न मिलने के बराबर है! जब तक अभिषेक के हत्यारे जेल की सलाखों के पीछे नहीं जाते, यह आवाज दबने वाली नहीं है।

