चुनाव से पहले टिकट के लिए पैसे की बंदर बाट होनी शुरू जनता को बेचा जा रहा है

‘निषाद पार्टी में विधायक के टिकट के 5 करोड़ रुपए लगेंगे। आधा अभी कर दें, आधा घोषणा से पहले कर देना। पिछली बार कहीं 7-8, तो कहीं 2-3 करोड़ था।’
यह कहना है यूपी की निषाद पार्टी के प्रदेश चुनाव प्रभारी का। विधानसभा चुनाव 3 महीने पहले कराने की सुगबुगाहट के बीच पॉलिटिकल पार्टियां अभी से टिकट बेचने में जुट गई हैं। पार्टी और सीट के अनुसार टिकट की कीमत तय की जा रही है। अगर पार्टी छोटी है और सीट पर उसकी पकड़ कमजोर है, तो 2 करोड़ रुपए में टिकट मिल सकता है।
अगर पार्टी की स्थिति मजबूत है और सीट पर उसकी पकड़ भी है, तो 8 करोड़ से कम में बात नहीं बनेगी। टिकट बेचने वालों में 3 मंत्रियों की पार्टियों के पदाधिकारी हैं। इन्होंने टिकट के रेट पिछली बार के मुकाबले डेढ़ से दोगुना महंगे भी कर दिए हैं। वहीं, विपक्षी से जुड़े दल भी टिकट बेचने में पीछे नहीं है।
भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन में कई राजनीतिक दलों के नेताओं और पदाधिकारियों के साथ हुई बातचीत में विधानसभा टिकट के बदले करोड़ों रुपये की मांग किए जाने का दावा सामने आया है।
निषाद पार्टी के चुनाव प्रभारी रविंद्रमणि निषाद से हुई बातचीत में फाजिलनगर विधानसभा सीट के लिए करीब 5 करोड़ रुपये की बात हुई। उन्होंने कहा कि रकम का कुछ हिस्सा पहले और बाकी टिकट घोषणा से पहले दिया जा सकता है। बातचीत में यह भी कहा गया कि पिछली बार अलग-अलग सीटों पर 2 करोड़ से 8 करोड़ रुपये तक का हिसाब रहा था।
सुभासपा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सालिक यादव के साथ बातचीत में पहले 5 से 6 करोड़ रुपये का आंकड़ा बताया गया। बाद में उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व की मंशा 7 से 8 करोड़ रुपये तक की है, हालांकि 6 करोड़ रुपये में बात बनने की संभावना भी जताई गई।
अपना दल (सोनेलाल) के जिलाध्यक्ष हेमराज सिंह ने बातचीत में दावा किया कि पिछली बार एक उम्मीदवार ने 8 करोड़ रुपये दिए थे, जबकि दूसरे दावेदार द्वारा 7 करोड़ रुपये देने की बात भी कही। उन्होंने संकेत दिया कि टिकट के लिए 8 करोड़ रुपये तक की व्यवस्था करनी पड़ सकती है।
जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय सिंह चौहान से हुई बातचीत में पहले 1 करोड़ रुपये देने की बात हुई। इसके बाद पार्टी की रैली के लिए 1 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था करने को कहा गया। बातचीत में कुल 2 करोड़ रुपये की व्यवस्था होने पर टिकट सुनिश्चित रहने की बात कही गई।
स्टिंग में हुई बातचीत के अनुसार विभिन्न दलों में विधानसभा टिकट के लिए 2 करोड़ रुपये से लेकर 8 करोड़ रुपये तक की रकम की चर्चा सामने आई।

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