भारतीय सेना के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक रहा। देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) की पासिंग आउट परेड में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के पहले महिला बैच की 9 कैडेट्स भारतीय थल सेना में अधिकारी के रूप में शामिल हो गईं।

भारतीय सेना के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक रहा। देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) की पासिंग आउट परेड में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के पहले महिला बैच की 9 कैडेट्स भारतीय थल सेना में अधिकारी के रूप में शामिल हो गईं।

वहीं हैदराबाद के डुंडीगल स्थित भारतीय वायुसेना अकादमी से 5 महिला कैडेट्स ने वायुसेना में कमीशन प्राप्त किया। इस तरह एक ही दिन देश को 14 नई महिला सैन्य अधिकारी मिलीं।

IMA में आयोजित 158वें रेगुलर कोर्स और 141वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स की पासिंग आउट परेड में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने परेड की समीक्षा की और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को सम्मानित किया।

यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि जून 2022 में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद पहली बार महिलाओं को NDA में प्रवेश मिला था। अब उसी पहले बैच की 9 कैडेट्स सेना अधिकारी बनकर पास आउट हुई हैं। IMA के 94 वर्षों के इतिहास में यह पहली बार हुआ है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसे भारतीय सशस्त्र बलों के इतिहास में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह सिर्फ सेना की उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत के महिला-नेतृत्व वाले विकास का प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने युवा अधिकारियों से देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा को सर्वोच्च कर्तव्य मानते हुए चरित्र, करुणा और प्रतिबद्धता के साथ नेतृत्व करने का आह्वान किया।

✨ जो दरवाजे कभी बेटियों के लिए बंद थे, आज वहीं से निकलकर वे देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने जा रही हैं। यह सिर्फ इतिहास नहीं, बदलते भारत की नई तस्वीर है।

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