भारतीय जनता पार्टी के छह राष्ट्रीय महासचिव है।इन छह राष्ट्रीय महासचिवों में से दो महासचिव अरूण सिंह और राधा मोहन दास उत्तरप्रदेश से राज्यसभा में है। तीसरे महासचिव विनोद तावड़े महाराष्ट्र से राज्यसभा पहुंच चुके है और चौथे महासचिव तरूण चुघ को मध्यप्रदेश से राज्यसभा भेजने की घोषणा पार्टी दो दिन पहले कर चुकी है।पांचवे महासचिव दुष्यत कुमार गौतम हरियाणा से राज्यसभा में रहे है।फिलहाल नहीं है।
सवाल है कि भाजपा ने अपने सभी राष्ट्रीय महासचिवों को राज्यसभा भेज दिया लेकिन सबसे प्रभावशाली और अमित शाह के बेहद भरोसेमंद राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल को राज्यसभा क्यो नहीं भेजा गया?
विनोद तावड़े और तरूण चुघ को राज्यसभा भेजा गया लेकिन सुनील बंसल को नहीं।बंगाल जीत में बड़ी भूमिका निभाने वाले सुनील बंसल को लेकर पार्टी के मन में क्या चल रहा है?
दरअसल खबर यह है कि भारतीय जनता पार्टी का शीर्ष नेतृत्व सुनील बंसल के लिए संगठन में किसी अहम पद के लिए रास्ता तैयार कर रहा है और वह हैं राष्ट्रीय संगठन महामंत्री।
खबर हैं कि सुनील बंसल को पदोन्नत कर फिलहाल राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री की जिम्मेंदारी दी जा सकती है।कुछ समय बीएल संतोष के नेतृत्व में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री की भूमिका निभाने के बाद सुनील बंसल को भविष्य में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बनाया जा सकता है।जैसे रामलाल के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रहते बीएल संतोष राष्ट्रीय सहसंगठन महामंत्री थे और बाद में रामलाल की जगह संगठन महामंत्री बने।यह भी हो सकता है कि सुनील बंसल को सीधे राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बना दिया जाए।
यह लगभग तय हैं कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले सुनील बंसल बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बन जाएंगे।
हालांकि सुनील बंसल को राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की सहमति लेनी होगी।भाजपा में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री पद पर संघ से भाजपा में भेजे गए प्रचारक नियुक्त होते हैं।
यह फैसला कब होता है,यह देखना बाकी हैं। बनना तय है।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिवों को राज्यसभा भेजा जा गया परंतु एक ऐसा नाम जिसने बंगाल चुनाव उत्तर प्रदेश चुनाव हो या कहीं की भी चुनाव हो बीजेपी को हमेशा विजय कराया है सरल स्वभावी श्री सुनील बंसल जी को राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री बनाए जा सकते हैं

