क्वांटम विवि में बोर्ड ऑफ स्टडीज़ बैठक एवं हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष आयोजन

क्वांटम विवि में बोर्ड ऑफ स्टडीज़ बैठक एवं हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष आयोजन

  • क्वांटम विवि में बोर्ड ऑफ स्टडीज़ बैठक के साथ हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने का ऐतिहासिक उत्सव • क्वांटम विवि में हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष का जश्न, बोर्ड ऑफ स्टडीज़ बैठक में जुटे मीडिया विशेषज्ञ

रुड़की, 01 जून। क्वांटम विश्वविद्यालय, रुड़की के मीडिया स्टडीज़ एंड डिज़ाइन विभाग द्वारा बोर्ड ऑफ स्टडीज़ बैठक का सफल आयोजन किया गया। यह अवसर विशेष रूप से ऐतिहासिक रहा क्योंकि इसी दिन हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने का गौरवपूर्ण उत्सव भी मनाया गया।

उल्लेखनीय है कि 30 मई 1826 को पंडित जुगल किशोर शुक्ल द्वारा प्रकाशित ‘उदन्त मार्तण्ड’ भारत का प्रथम हिन्दी समाचार पत्र था, जिसने हिन्दी पत्रकारिता की मजबूत नींव रखी। इसी ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में विभाग द्वारा हिन्दी पत्रकारिता के द्विशताब्दी वर्ष का उत्सव भी मनाया गया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से उत्तराखंड सरकार की मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष एवं विभाग के बोर्ड ऑफ स्टडीज़ सदस्य प्रो. (डॉ.) गोविंद सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने हिन्दी पत्रकारिता की समृद्ध परंपरा, समकालीन मीडिया परिदृश्य तथा पत्रकारिता शिक्षा के भविष्य पर अपने विचार साझा किए। उनके मार्गदर्शन ने बैठक एवं समारोह को नई दिशा प्रदान की।

बैठक में प्रो. (डॉ.) दुर्गेश त्रिपाठी, डीन, यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन, गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, नई दिल्ली एवं बोर्ड ऑफ स्टडीज़ सदस्य के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने मीडिया शिक्षा, पाठ्यक्रम विकास तथा बदलते पत्रकारिता परिदृश्य पर अपने बहुमूल्य सुझाव दिए।

नवभारत समूह, नागपुर के डिजिटल मीडिया प्रमुख एवं बोर्ड ऑफ स्टडीज़ सदस्य शैलेन्द्र तिवारी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में जुड़े। उन्होंने डिजिटल युग में हिन्दी पत्रकारिता की चुनौतियों, संभावनाओं तथा उभरते रुझानों पर महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए। वहीं बोर्ड ऑफ स्टडीज़ सदस्य एवं स्किल्स स्कूल के निदेशक विनीत कपूर ने एनीमेशन एवं वीएफएक्स उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं, उभरती तकनीकों तथा रोजगारपरक कौशलों के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।

बैठक के दौरान पत्रकारिता एवं जनसंचार शिक्षा के पाठ्यक्रम में नवाचार, उद्योग-अकादमिक सहयोग तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम निर्माण पर विस्तृत चर्चा हुई। सभी सदस्यों द्वारा दिए गए सुझाव विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी, समकालीन तथा उद्योगोन्मुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक झा ने मीडिया स्टडीज़ एंड डिज़ाइन विभाग तथा क्वांटम विश्वविद्यालय परिवार की ओर से सभी सम्मानित अतिथियों एवं बोर्ड ऑफ स्टडीज़ सदस्यों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर बोर्ड ऑफ स्टडीज की समन्वयक एवं सहायक प्राध्यापक डॉ. कविता वर्मा, सहायक प्राध्यापक देवेंद्र सिंह , जसजीत सिंह एवं नीरज आदि उपस्थित रहे।

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