मनोज ठाकुर
हरिद्वार/लक्सर। लक्सर तहसील क्षेत्र के ब्रह्मपुर (खानपुर) गांव में मत्स्य पालन तालाब निर्माण के नाम पर अवैध खनन का एक बड़ा खेल सामने आया है।
आरोप है कि सरकारी तंत्र से लेकर स्थानीय प्रशासन तक, सब इस खनन माफिया के आगे लाचार नजर आ रहे हैं।
मत्स्य पालन की आड़ में सक्रिय यह सिंडिकेट संबंधित विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
मानकों को दरकिनार कर तिजोरियां भर रहे माफिया
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, भूमि स्वामी और खनन माफिया मत्स्य पालन तालाब की सरकारी अनुमति की आड़ में नियमों का खुलकर दुरुपयोग कर रहे हैं।
पोकलैंड मशीनों के जरिए तय मानकों से कई गुना अधिक गहराई तक खुदाई की जा रही है।
इस अवैध खुदाई से निकलने वाले आरबीएम (रेत, बजरी, मिक्स) और मिट्टी को ऊंचे दामों में बेचकर माफिया अपनी तिजोरियां भर रहे हैं, जिससे सरकारी राजस्व को भारी चूना लग रहा है। बिना ई-रवाना (e-Rawanna) के ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और डंपर ग्रामीण सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे हैं।
भूजल स्तर गिरा, फसलों और रिहायशी इलाकों पर संकट
इस अंधाधुंध खुदाई का सबसे बड़ा खामियाजा स्थानीय पर्यावरण और ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है
गिरता भूजल स्तर अत्यधिक गहराई तक होने वाली खुदाई के कारण क्षेत्र का वॉटर टेबल (भूजल स्तर) तेजी से नीचे जा रहा है।
खेतों का कटाव: आसपास के खेतों की मिट्टी धंस रही है, जिससे किसानों की उपजाऊ भूमि नष्ट होने की कगार पर है।
मगरमच्छों का खतरा: रिहायशी और कृषि इलाकों के बीच बन रहे ये खतरनाक गहरे गड्ढे आगामी बरसात के दिनों में मगरमच्छों की शरणस्थली (गढ़) बन सकते हैं।
ग्रामीणों की चिंता: किसानों का कहना है कि यह मत्स्य पालन तालाब कम और मगरमच्छों का तालाब ज्यादा बन जाएगा। खेतों में काम करने वाले मजदूरों, बच्चों और मवेशियों के लिए ये गहरे गड्ढे कभी भी जानलेवा साबित हो सकते हैं।
अगली कड़ी में बड़ा खुलासा…
प्रशासनिक तंत्र के ढीले रवैये के कारण यह क्षेत्र खनन माफिया का गढ़ बन चुका है। ग्रामीणों में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश की चिंगारी सुलग रही है। अब देखना यह है कि इस खबर के प्रकाशित होने के बाद जिम्मेदार अधिकारी कब कुंभकर्णी नींद से जागते हैं और इस अवैध खेल पर रोक लगाते हैं।
इस क्षेत्र में चल रहे मत्स्य पालन तालाब निर्माण की आड़ में हो रहे इस पूरे सिंडिकेट का बड़ा खुलासा हम अपनी अगली विशेष रिपोर्ट में करेंगे। बने रहिए हमारे साथ…

