चारधाम यात्रा में अत्यधिक श्रद्धालुओं के आने से श्री बद्रीनाथ जी एवं श्री केदारनाथ धाम की यात्री प्रवास क्षमता अधिक होने से दोनों धामों में अपितु सोनप्रयाग व गौरीकुंड में यातायात को नियंत्रित करने एवं श्रद्धालुओं को प्रवास सुविधा उपलब्ध कराए जाने में शासन/प्रशासन को अत्यधिक दबाव उत्पन हो रहा है।

उत्तराखंड शासन को निर्णय लेना चाहिए कि ऋषिकेश हरिद्वार में यात्रियों को रोका जाए जिस तरीके से यात्रियों का दबाव बद्री केदारनाथ में पड़ रहा है इससे कुछ बड़ा हादसे होने का भी खतरा हो सकता है इसलिए शासन को तत्काल इस संबंध में कार्रवाई करनी चाहिए

यात्री सुरक्षित रहेगा तो आराम से दर्शन कर पाएगा यदि भीड़ ज्यादा हो जाएगी लोगों को भगवान के दर्शन भी नहीं हो पाएंगे

गंगा न्यूज़ 24 निवेदन करता है जो भी यात्री चार धाम की यात्रा पर आना चाह रहा है वह स्थिति को देखकर हीं कुछ समय के लिए अपनी यात्रा को स्थगित करें भगवान के कपाट 6 माह के लिए खुले हुए हैं अभी समय है इसलिए निवेदन है कि इस स्थिति को देखकर ही घर से निकले

चारधाम यात्रा में अत्यधिक श्रद्धालुओं के आने से श्री बद्रीनाथ जी एवं केदारनाथ धाम में अत्यधिक भीड़ को श्रीनगर में रोकते हुए, नियंत्रित किये जाने के विषयक उपजिलाधिकारी श्रीनगर श्रीमती नुपुर वर्मा जी को पत्र प्रेषित किया।

चारधाम यात्रा में अत्यधिक श्रद्धालुओं के आने से श्री बद्रीनाथ जी एवं श्री केदारनाथ धाम की यात्री प्रवास क्षमता अधिक होने से दोनों धामों में अपितु सोनप्रयाग व गौरीकुंड में यातायात को नियंत्रित करने एवं श्रद्धालुओं को प्रवास सुविधा उपलब्ध कराए जाने में शासन/प्रशासन को अत्यधिक दबाव उत्पन हो रहा है।

श्रीनगर चारधाम यात्रा का मुख्य पड़ाव है।
अतः श्री बद्रीनाथ जी, केदारनाथ जी, सोनप्रयाग, गौरीकुंड आदि स्टेशनों पर बढ़ते यात्री दबाव के दृष्टिगत रखते हुए श्रीनगर में यात्रियों के रोका जा सकता है।

श्रीनगर में यात्रियों की सुविधा हेतु होटल, पार्किंग की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध है।

श्रीनगर में यात्रियों के रुकने से श्री बद्रीनाथ जी एवं श्री केदारनाथ धाम में बढ़ रहे दबाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

साथ ही श्रीनगर के समीप अनेक धार्मिक स्थल हैं, जिससे कि श्रद्धालुओं को इन धार्मिक स्थलों के दर्शन के अवसर भी प्राप्त होंगे।

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