तीर्थनगरी हरिद्वार आज एक अत्यंत भावुक और शोकपूर्ण क्षण की साक्षी बनी, जब समाजवादी परिवार से जुड़े स्वर्गीय प्रतीक यादव की अस्थियां मां गंगा की पवित्र धारा में पूरे वैदिक विधि-विधान के साथ प्रवाहित की गईं।

तीर्थनगरी हरिद्वार आज एक अत्यंत भावुक और शोकपूर्ण क्षण की साक्षी बनी, जब समाजवादी परिवार से जुड़े स्वर्गीय प्रतीक यादव की अस्थियां मां गंगा की पवित्र धारा में पूरे वैदिक विधि-विधान के साथ प्रवाहित की गईं।


हर की पौड़ी स्थित वीआईपी घाट पर वातावरण उस समय गमगीन हो उठा, जब अपर्णा यादव अपने परिजनों के साथ स्वर्गीय प्रतीक यादव की अस्थियां लेकर पहुंचीं। मां गंगा के तट पर वैदिक मंत्रोच्चार, श्रद्धा, अश्रु और मौन के बीच अंतिम धार्मिक संस्कार संपन्न हुए।

वैदिक मंत्रों के बीच मां गंगा को समर्पित हुई अस्थियां
अस्थि विसर्जन की समस्त धार्मिक क्रियाएं विद्वान पंडित Shailesh Mohan द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराई गईं।

मंत्रों की गूंज, गंगा तट पर बहती पावन धारा और परिवार की नम आंखों ने पूरे वातावरण को अत्यंत भावुक बना दिया।

जैसे ही मां गंगा की धारा में अस्थियां प्रवाहित की गईं, उपस्थित परिजनों और समर्थकों की आंखें भर आईं। घाट पर मौजूद हर व्यक्ति उस क्षण की संवेदना को गहराई से महसूस करता दिखाई दिया।

परिवार ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई
इस दौरान Aparna Yadav बेहद भावुक नजर आईं। उनके साथ Aditya Yadav, प्रथमा यादव, पद्मजा यादव, अपर्णा यादव के पिता Arvind Bisht एवं भाई अमन भी मौजूद रहे।

परिवार ने मां गंगा के समक्ष श्रद्धा एवं आस्था के साथ अंतिम संस्कार की सभी धार्मिक रस्में निभाईं। घाट पर उपस्थित लोगों ने भी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी, घाट पर बढ़ाई गई निगरानी
अस्थि विसर्जन कार्यक्रम को लेकर हर की पौड़ी एवं वीआईपी घाट क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई थी। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए थे, ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शांतिपूर्वक संपन्न हो सके।

श्रद्धांजलि देने पहुंचे संत, सामाजिक कार्यकर्ता और समर्थक
स्वर्गीय प्रतीक यादव को श्रद्धांजलि देने के लिए योग गुरु Baba Ramdev सहित समाजवादी विचारधारा से जुड़े अनेक लोग और शुभचिंतक उपस्थित रहे।

इस दौरान डॉक्टर राजेंद्र पाराशर, मशकूर अहमद कुरैशी, लव कुमार दत्ता, श्रवण शंकर धार, चंद्रशेखर यादव, समीर आलम, हर्षवर्धन, लखनऊ से गौरव चतुर्वेदी एवं अतुल चतुर्वेदी सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

सभी ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

हरिद्वार की पावन धरा बनी अंतिम विदाई की साक्षी
सनातन परंपरा में मां गंगा को मोक्षदायिनी माना गया है। यही कारण है कि देशभर से लोग अपने प्रियजनों की अस्थियां हरिद्वार लाकर मां गंगा की पवित्र धारा में प्रवाहित करते हैं।

आज भी हर की पौड़ी का वीआईपी घाट एक ऐसे ही भावुक दृश्य का साक्षी बना, जहां आस्था, वेद मंत्र, अश्रु और स्मृतियों के बीच एक परिवार ने अपने प्रिय को अंतिम विदाई दी।

“जीवन की अंतिम यात्रा में जब अस्थियां गंगा की गोद में समर्पित होती हैं, तब केवल शरीर विलीन होता है… स्मृति

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