एक और जहां धामी सरकार बता रही है कि स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पहाड़ों से लेकर प्लेन तक बहुत अच्छी चल रही है वहीं पर मंगलोर में स्वास्थ्य व्यवसाय चर्मा गई है एक मरीज घंटे नीचे ही पड़ा रहा कोई भी डॉक्टर उसकी सोच नहीं दे रहा था मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक काजी निजामुद्दीन में जाकर उसकी सहायता की वह डॉक्टर को फटकार लगाई
उत्तराखंड स्वास्थ्य व्यवस्था की शर्मनाक तस्वीर!
मंगलौर सरकारी अस्पताल में मानवता तार-तार हो गई।
एक गंभीर मरीज घंटों अस्पताल के दरवाजे पर तड़पता रहा, लेकिन किसी डॉक्टर या स्टाफ ने सुध नहीं ली।
मौके पर पहुँच मंगलोर विधायक काजी निजामुद्दीन जी के द्वारा उसकी रोती हुई पत्नी से बात की, तो दिल दहल गया।अस्पताल से जो स्ट्रेचर मिला, वह भी धूल से सना था।
सरकारी सिस्टम के इस अमानवीय रवैये के बाद, विधायक खड़ी निजामुद्दीन जी के द्वारा इस मरीज को अपनी गाड़ी से रुड़की के एक प्राइवेट अस्पताल भर्ती कराकर उसका इलाज कराया जो कि क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और मानवता आज भी जिंदा है /

