प्रियंका चतुर्वेदी ने PM मोदी की अपील और नेताओं के खर्चों पर सीधा सवाल उठाया है।
उन्होंने कहा किदेशवासियों के भी कुछ सुझाव हैंजिन पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।
उन्होंने मांग रखी किमंत्रियों और नेताओं के लंबे काफिलों पर पाबंदी लगे,बड़ी चुनावी रैलियां 1 साल के लिए रोकी जाएंऔर भव्य शपथ ग्रहण समारोहों की जगह“WFH यानी Watch From Home” मॉडल अपनाया जाए।
यह बयान ऐसे समय आया हैजब आम लोगों पर बचत और संयम की अपील की जा रही है।
यानी सवाल अब सिर्फ जनता से त्याग मांगने का नहीं,बल्कि सत्ता में बैठे लोगों के खर्च और राजनीतिक दिखावे पर भी उठने लगा है।
समर्थक इसे जरूरी और व्यावहारिक सुझाव बता रहे हैंतो विरोधी इसे सिर्फ राजनीतिक तंज मान रहे हैं।
लेकिन इतना तय है…जब महंगाई, टैक्स और आर्थिक दबाव बढ़ता हैतो जनता की नजर सबसे पहले नेताओं की जीवनशैली पर ही जाती है।

