Ganga News 24 | देहरादून/हरिद्वार | 29 सितंबर 2026
डॉ मुरली मनोहर जोशी का आह्वान – “हिमालय है तो हम हैं”
वरिष्ठ राजनेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ मुरली मनोहर जोशी ने हिमालय क्षेत्र में बढ़ रही पर्यावरणीय आपदाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
डॉ जोशी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से हिमालय की संधारण क्षमता से अधिक बोझ डालने के कारण समस्त जनजीवन भारी संताप से गुजर रहा है। हिमालय के गांवों से पलायन निरंतर बढ़ रहा है, निर्माण कार्य टूट रहे हैं और सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं।
उन्होंने कहा – “हिमालय हमारी संस्कृति संरक्षण, प्राकृतिक संपदा और अर्थव्यवस्था का प्रमुख स्रोत है। हिमालय से देश की 20% जीडीपी प्राप्त होती है, इसलिए हिमालय समूचे देश की थाती है और उसकी रक्षा करना देश की जिम्मेदारी है। हिमालय केवल इन राज्यों से संबंधित नहीं है, बल्कि हिमालय के कारण सारा देश संरक्षित एवं जीवित है।”
डॉ जोशी ने केंद्र एवं हिमालयी राज्यों की सरकारों से आग्रह किया है कि वे वैज्ञानिकों, भूगर्भशास्त्रियों और जैव विविधता विद्वानों की चेतावनियों को गंभीरता से लें और बिना सोचे-समझे पर्यटन व विकास योजनाओं पर रोक लगाकर संपूर्ण हिमालय के लिए एक समेकित सर्वांगीण विकास योजना बनाएं।
उन्होंने कहा – “हिमालय को बचाना सिर्फ पर्यावरण नहीं, भविष्य की सुरक्षा है। मैं मानता हूँ – हिमालय है तो हम हैं।”

