उत्तर प्रदेश के भदोही से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद विनोद कुमार बिंद ने राज्य की 17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल करने की मांग उठाई है।
लोकसभा में अपनी बात रखते हुए विनोद कुमार बिंद ने कहा कि ये वो जातियां हैं, जिन्हें कई अन्य राज्यों में अनुसूचित जाति वर्ग में रखा गया है। ऐसी स्थिति में केंद्र सरकार को उत्तर प्रदेश में भी समान नीति अपनाते हुए इन अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा मिलना चाहिए।
भदोही सांसद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में राजभर, विश्वकर्मा, निषाद, केवट, मल्लाह, कश्यप, धीमर और प्रजापति सहित 17 जातियां ऐसी हैं, जो अति पिछड़ा वर्ग के तहत आती हैं, लेकिन दिल्ली सहित दूसरे कई राज्यों में इन्हीं जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा दिया गया है। विनोद कुमार बिंद ने सवाल उठाया कि इन जातियों के लोगों की जीवन शैली, पारंपरिक पेशे और समाज का स्थिति एक जैसी होने के बावजूद अलग-अलग राज्य में इनके अधिकारों में अंतर क्यों रखा गया है? इस अंतर को खत्म किया जाना चाहिए।

