यूजीसी कानून वापस लेना ही होगा

जिसको हमने छोड़ा,उसका घोड़ा बिदक गया

( यूजीसी पर)

भला सवर्णों का कसूर क्या,
बाबू जी बतलाओगे ।
हिंदू-हिंदू कहकर छूरी,
हिंदू पर चलवाओगे?

पहले आरक्षण से काटे,
बांटे हिंदू-हिंदू को।
अब यूजीसी लागू करके,
मारे चाटे हिंदू को।
एससी,एसटी,ओबीसी से,
कैसे छांटे हिंदू को ?
अब काला कानून बनाकर,
काहें डाटे हिंदू को ।

सत्य सनातन किनके कारण,
बचा,तनिक बतलाओगे ?
हिंदू-हिंदू कहकर छूरी,
हिंदू पर चलवाओगे?

वोटों की खातिर तुम सबने,
संविधान को बेंच दिया ।
कतल योग्यता का करके,
यूं स्वाभिमान को बेंच दिया ।
आखिर पाप किए क्या ब्राह्मण,
ठाकुर,बनिया,लाला ने ?
परख जहां होती है ऐसे,
इम्तिहान को बेंच दिया ।

यूजीसी तो लाकर हिंदू,
एक नहीं कर पाओगे ।
हिंदू-हिंदू कहकर छूरी,
हिंदू पर चलवाओगे?

बिना जांच के ही अपराधी,
तुमने कैसे मान लिया ?
नहीं शान से जीने दोगे,
तुमने मन में ठान लिया ।
तुम भी वही कुटिल वंशज हो,
अब हमने पहचान लिया ।
जान लुटाएं हम तुझपे,
तू हमें जानवर जान लिया ।

सटक गई जिस दिन सवर्ण की,
मिट्टी में मिल जाओगे ।
हिंदू-हिंदू कहकर छूरी,
हिंदू पर चलवाओगे?

जिसने तुमको वोट दिया,
उस पर तलवार चलाते हो।
अगर बंटे तो कट जाओगे,
गीत सुनहरा गाते हो।
खुद ही बांट रहे हो हमको,
यूजीसी तलवारों से ।
जिसने धिक्कारा तुमको,
सब्सीडी वहीं बरसाते हो।

संविधान में समानता का,
कैसे पाठ पढ़ाओगे ?
हिंदू-हिंदू कहकर छूरी,
हिंदू पर चलवाओगे?

अभी समय है जाग जाइए,
वरना पछताना होगा।
हमने सत्ता सौंपी है तो,
वापस भी जाना होगा ।
बड़े ध्यान से कान खोलकर,
सुन लो ऐ सत्ताधीशों ।
काल न बन जाए यूजीसी,
होश में अब आना होगा।

सुनो संघ वालों क्या ऐसे,
हिंदू राष्ट्र बनाओगे ?
हिंदू-हिंदू कहकर छूरी,
हिंदू पर चलवाओगे?


(अगर यूजीसी के विरोध में हैं तो अपने सभी मित्रों को भेजिए)

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