यूएई के राष्ट्रपति ने भारत में दो घंटे के अंदर एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किया…..200 अरब डॉलर के व्यापार पर सहमति बनी…..3 अरब डॉलर का एलएनजी सौदा तय……..
यूएई ने इस्लामाबाद हवाई अड्डे का सौदा रद्द कर दिया……यूएई के राष्ट्रपति पुतिन से मिलने के लिए मॉस्को पहुंचे……
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तान को बड़ा झटका देते हुए इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन और प्रबंधन के प्रस्तावित समझौते को रद्द कर दिया है……..यह डील अगस्त 2025 से चर्चा में थी, लेकिन अब UAE की ओर से रुचि खत्म होने के कारण इसे शेल्व कर दिया गया है। इससे पाकिस्तान को अरबों रुपये का संभावित निवेश और बुनियादी ढांचा अपग्रेड गंवाना पड़ा है……..जिससे इस्लामाबाद में आर्थिक दबाव बढ़ गया है और राजनीतिक स्तर पर किकियाहट मची हुई है…….
पाकिस्तान को यूं ही नहीं भारत के पायदान पर रखा गया है…….भारत संपूर्ण गैर-पश्चिमी धुरी का बना प्रवेश द्वार……..
खाड़ी देश वही कर रहा है जो यूरोपीय संघ और कनाडा ने इस महीने किया था…….
वैकल्पिकता का निर्माण और वैकल्पिकता दिल्ली के चरम से होकर गुजरती है………..
यह वह बात है जिसे इस्लामाबाद या वाशिंगटन में कोई भी स्वीकार नहीं करना चाहता…जबकि एमबीजेड समारोहों और भोजों के साथ एक सप्ताह की राजकीय यात्रा के लिए दिल्ली जा सकता था……इसके बजाय वह अंदर आया, हर महत्वपूर्ण बात पर हस्ताक्षर किए और बाहर चला गया……..
वो कूटनीति नहीं है….। एक लेन-देन है मात्र है…..
लेन-देन: भारत को खाड़ी रक्षा संरेखण मिलता है। यूएई को सऊदी-पाकिस्तान-तुर्की के खिलाफ मिली बढ़त! रूस को खाड़ी तक एक चैनल मिलता है जो पश्चिमी प्रतिबंधों को दरकिनार कर देता है।
और पाकिस्तान.।।..?
मोदी के हाथ मिलाने के कुछ ही दिनों बाद पाकिस्तान को हवाईअड्डे का सौदा ख़त्म होते हुए देखने को मिला……
अपमान की बात यह है कि दशकों के संरेखण को बदलने में केवल 2 घंटे लगे…..

