‘Digital Devbhoomi’ की ओर उत्तराखंड: “Code in Hills, Create for the World” और AI आधारित विकास पर जोर
विषय: विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक सम्पन्न, ‘डिजिटल देवभूमि’ के विज़न पर जोर
देहरादून, दिनांक — आज सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक माननीय मंत्री जी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।

बैठक में विभागीय योजनाओं, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, ई-गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा तथा युवाओं के कौशल विकास से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
माननीय मंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार Narendra Modi जी के Digital India के विज़न और Pushkar Singh Dhami जी के विकसित उत्तराखंड के संकल्प के अनुरूप प्रदेश को ‘Digital Devbhoomi’ के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट दिशा देते हुए कहा कि उत्तराखंड के युवाओं को तकनीक के माध्यम से सशक्त बनाते हुए
“Code in Hills, Create for the World” के मंत्र पर कार्य किया जाए, जिससे reverse पलायन को बढ़ावा मिले और स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के अवसर सृजित हों।

मंत्री जी ने आगे कहा कि प्रदेश को भविष्य के लिए तैयार करने हेतु हम
AI (Artificial Intelligence) + HI (Human Intelligence) = Intelligent Uttarakhand (IU)
के सिद्धांत पर कार्य करेंगे, जहाँ आधुनिक तकनीक और मानव कौशल मिलकर शासन और विकास को नई दिशा देंगे।
मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा Indian Institute of Technology Roorkee सहित अन्य शैक्षणिक संस्थानों के साथ collaborative approach अपनाते हुए AI, Data Science, Cyber Security एवं emerging technologies में अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक कोर्स प्रारंभ करने के निर्देश दिए, ताकि प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर के कौशल से जोड़ा जा सके।
साथ ही Information Technology Development Agency Uttarakhand को निर्देशित किया गया कि वह राज्य में डिजिटल सेवाओं के विस्तार, एकीकृत नागरिक सेवा पोर्टल के सुदृढ़ीकरण, तथा साइबर सुरक्षा तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाए।
मंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद में आईटी हब एवं स्किल सेंटर स्थापित कर युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उत्तराखंड को एक Innovation एवं Technology Hub के रूप में स्थापित किया जा सके।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी परियोजनाओं के लिए समयबद्ध कार्ययोजना (Timeline-based execution) सुनिश्चित की जाए तथा उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
अंत में मंत्री जी ने कहा कि
“उत्तराखंड को हम पारंपरिक विकास से आगे बढ़ाकर एक डिजिटल, आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सक्षम राज्य बनाएंगे—

