सत्य की हुई जीत !
विपक्ष द्वारा ओम बिरला जी के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव आज स्वयं ही धराशायी हो गया
। यह प्रस्ताव पहले से ही स्पष्ट था कि संख्या बल के अभाव में सफल नहीं होगा, फिर भी केवल राजनीतिक दिखावे के लिए इसे लाया गया।
लोकसभा के माननीय अध्यक्ष ओम बिरला जी ने सदैव निष्पक्षता, गरिमा और लोकतांत्रिक परंपराओं के साथ सदन का संचालन किया है। उनका शांत, संतुलित और संयमित व्यक्तित्व भारतीय लोकतंत्र की गरिमा को और अधिक सुदृढ़ करता है। सभी दलों को समान अवसर देना और संसद की मर्यादा बनाए रखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है।
ऐसे सम्मानित और निष्पक्ष अध्यक्ष के विरुद्ध केवल राजनीतिक उद्देश्य से अविश्वास प्रस्ताव लाना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि इससे संसद के कीमती समय और जनता के करोड़ों रुपये भी व्यर्थ हुए हैं।
जनता यह सब देख रही है और निश्चित ही समय आने पर इस गैर-जिम्मेदाराना राजनीति का जवाब देगी

