मनोज ठाकुर
श्री दारिद्र भंजन महादेव मंदिर कनखल हरिद्वार
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पंडित कृष्ण कुमार शास्त्री जी के सानिध्य में सर्वजन कल्याण के लिए श्री दरिद्र भंजन महादेव मंदिर कनखल हरिद्वार में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस भागवत आचार्य पंडित पवन कृष्ण शास्त्री जी ने बताया प्रत्येक व्यक्ति को अपने माता-पिता की सेवा करनी चाहिए

मातृ देवो भव पितृ देवो भव गुरुदेव भव शास्त्र कहता है की माता-पिता और गुरु तीनों का स्थान और देवताओं का स्थान एक ही सम्मान होता है जिसने माता-पिता और गुरु की सेवा और उनकी आज्ञा का पालन किया उनका कल्याण हुआ अपना कल्याण एवं अपना उधर चाहने वाले को अपने माता-पिता एवं गुरु की आज्ञा का पालन करना चाहिए इनका आदर सत्कार सम्मान करना चाहिए पुराणों में वर्णन मिलता है एक समय देवताओं ने निश्चित किया की सबसे पहले पूजन का अधिकारी कौन हो निर्णय निकला जो सर्वप्रथम पूरी पृथ्वी की परिक्रमा करके आएगा वही सबसे पहले पूजन का अधिकारी बनेगा सब अपने-अपने वाहनों पर बैठकर पृथ्वी की परिक्रमा के लिए निकले गणेश जी ने अपनी माता-पिता को सुंदर आसन पर बिठाया और साथ परिक्रमा कर पूजन किया गणेश जी ने कहा मां का स्वरूप पृथ्वी और पिता का स्वरूप आकाश इनका पूजन करने से उनकी परिक्रमा करने से संपूर्ण पृथ्वी की परिक्रमा का फल मुझे प्राप्त हो चुका है गणेश जी की बुद्धि को देखकर के सभी देवताओं ने निश्चित किया गणेश का पूजन सर्वप्रथम होगा जब तक गणेश जी का पूजन नहीं किया जाएगा तब तक कोई भी देवी देवता पूजन स्वीकार नहीं करेगा यह शक्ति माता-पिता की पूजा से गणेश जी को प्राप्त हुई है इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को माता-पिता की पूजा गुरु की पूजा करनी चाहिए इस अवसर पर मुख्य यजमान कुसुम गुप्ता,दिनेश गुप्ता,सुनीता गुप्ता,शिमा गुप्ता,सोमेश गुप्ता,सरिता गुप्ता,अजय गुप्ता,कोमल गुप्ता,विजय गुप्ता,कामनी गुप्ता,विकाश गुप्ता,रुचि गुप्ता,रिंकू गुप्ता,डीके गुप्ता,रितेश गुप्ता,नीरज शर्मा,विमल गुप्ता,सुनीता गुप्ता,सुनील गुप्ता,सत्यम,शिवाय,चिराग, कार्तिक,आरवी,माधव, अनिया,पंडित कृष्ण कुमार शास्त्री,पंडित रमेश चंद्र गोनियल,पंडित राजेंद्र पोखरियाल,पंडित नीरज कोठारी आदि ने भागवत जी का पूजन संपन्न किया

