पर तरीका थोड़ा अलग था। उन्होंने भ्रष्टाचारी
चंडीगढ़ में तैनात ईडी के एक ‘सीनियर’ हेड कांस्टेबल साहब, उत्तम पांडे जी, चंडीगढ़ से सीकर सिर्फ इसलिए आए थे ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ सकें
पर तरीका थोड़ा अलग था। उन्होंने भ्रष्टाचारी को पकड़ने के बजाय उससे कहा , ‘भाई, 13 लाख दे दो, तो तुम्हारी फाइल पर हम गंगाजल छिड़क देंगे
उन्हें लगा होगा कि ईडी की वर्दी का रौब ऐसा है कि सामने वाला डर के मारे नोटों की गद्दी बिछा देगा।
पर साहब भूल गए कि राजस्थान की एसीबी (ACB) ने इस बार ‘ईडी’ के ऊपर ही ‘रेड’ डालने का मन बना लिया था
अब ईडी मुख्यालय में सन्नाटा होगा, जो अधिकारी कल तक टीवी पर ‘भ्रष्टाचार मुक्त भारत’ का भाषण दे रहे थे, आज वे अपनी ही एजेंसी के हेड कांस्टेबल की फाइल दबाने का तरीका ढूंढ रहे होंगे

