सहारनपुर डीएम बंसल का ‘हंटर’, मनमानी करने वाले 60 स्कूलों को अल्टीमेटम

सहारनपुर डीएम बंसल का ‘हंटर’, मनमानी करने वाले 60 स्कूलों को अल्टीमेटम


सहारनपुर। नए शैक्षिक सत्र 2026-27 के आगाज के साथ ही जिलाधिकारी (DM) बंसल ने निजी स्कूलों की मनमानी और अभिभावकों के शोषण के खिलाफ निर्णायक युद्ध छेड़ दिया है। एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान डीएम ने सख्त तेवर दिखाते हुए उन 60 स्कूलों को आड़े हाथों लिया, जिन्होंने अब तक अपना फीस स्ट्रक्चर सार्वजनिक नहीं किया है।
48 घंटे की मोहलत, वरना होगी बड़ी कार्रवाई
नियमों के मुताबिक, सत्र शुरू होने से 60 दिन पहले फीस घोषित करना अनिवार्य है। डीएम ने बिना किसी नरमी के 2 दिन का अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट किया:
सभी स्कूल अपनी वेबसाइट पर फीस स्ट्रक्चर अपलोड करें।
डाटा की हार्ड कॉपी तत्काल जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को सौंपें।
अवहेलना करने पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई तय है।
फीस स्ट्रक्चर को छिपाना सीधे तौर पर अभिभावकों का शोषण है। अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” — डीएम बंसल
अभिभावकों के लिए बड़ी राहत: किताबें और यूनिफॉर्म के ‘खेल’ पर लगाम
जिला प्रशासन ने स्कूलों द्वारा बनाए गए सिंडिकेट को तोड़ने के लिए निम्नलिखित कड़े निर्देश जारी किए हैं:
किताबों की सुलभता: किताबें अब केवल चुनिंदा दुकानों पर नहीं, बल्कि कई दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी उपलब्ध होंगी।
यूनिफॉर्म का 5 साल का नियम: स्कूल अब हर साल यूनिफॉर्म नहीं बदल सकेंगे। कम से कम 5 साल तक ड्रेस में बदलाव पर रोक लगा दी गई है। यदि बदलाव अनिवार्य है, तो उसके लिए ठोस कारण के साथ विशेष समिति से अनुमति लेनी होगी।
कठिनाई निवारण समिति: हर स्कूल में इस समिति का गठन अनिवार्य होगा, ताकि छात्र और अभिभावक अपनी शिकायतों का सीधा समाधान पा सकें।
स्कूल वाहनों की सुरक्षा: जीरो टॉलरेंस
छात्रों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए डीएम ने स्कूल वाहनों के लिए नया पोर्टल लॉन्च किया है:
अनिवार्य पंजीकरण: सभी स्कूली वाहनों का पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी है।
फिटनेस जांच: बिना नियमित फिटनेस सर्टिफिकेट के कोई भी वाहन सड़क पर नहीं उतरेगा।
कड़ी निगरानी: सुरक्षा मानकों में कोताही मिलने पर वाहन और स्कूल प्रबंधन दोनों पर कार्रवाई होगी।
मुख्य बिंदु एक नजर में:

विषयनया नियम/निर्देश
फीस घोषणासत्र से 60 दिन पहले (अभी 2 दिन की डेडलाइन)
यूनिफॉर्म5 साल से पहले बदलाव पर प्रतिबंध
किताबेंमल्टीपल शॉप्स और ऑनलाइन विकल्प अनिवार्य
सुरक्षानए पोर्टल पर वाहनों का रजिस्ट्रेशन और फिटनेस टेस्ट
प्रशासन के इस कड़े रुख से उन स्कूलों में हड़कंप मचा है जो अब तक नियमों को ताक पर रखकर अपनी मनमानी चला रहे थे।

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