लखनऊ के गोमतीनगर स्थित ‘सहारा शहर’ की जमीन को लेकर चल रहे कानूनी विवाद में उत्तर प्रदेश सरकार को बड़ी जीत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने 16 मार्च 2026 को सहारा इंडिया कमर्शियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें नगर निगम की ओर से लीज रद्द किए जाने के फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसके बाद अब UP की नई विधानसभा के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है. अब UP की नई विधानसभा सहारा शहर में ही बनाए जाने की प्रक्रिया भी तेजी से शुरू कर दी गई है. नई विधानसभा के निर्माण के लिए बजट भी पहले ही आवंटित किया जा चुका है.
दरअसल योगी सरकार ने बीते वर्ष ही नगर निगम की ओर से 1994 में दी गई लीज की शर्तों के उल्लंघन का हवाला देते हुए सहारा शहर की लीज रद्द कर दी थी और सहारा शहर पर प्रशासनिक कब्ज़ा कर नगर निगम को सौंप दिया था, जिसके खिलाफ सहारा की ओर से दाखिल की गई याचिका को पहले हाई कोर्ट और अब सुप्रीम कोर्ट ने भी खारिज कर योगी सरकार के फैसले को सही ठहराया है.
अब इस जगह पर UP की नई विधानसभा बनाए जाने का भी रास्ता साफ हो गया है, क्योंकि नई विधान भवन के लिए सरकार पिछले कई सालों से करीब 200 एकड़ जमीन की तलाश में थी. सहारा शहर की जमीन इस जरूरत को पूरा करती नजर आई है. यहां लखनऊ नगर निगम की लगभग 170 एकड़ और एलडीए की करीब 75 एकड़ जमीन मिलाकर कुल 245 एकड़ क्षेत्र उपलब्ध है.

