दिनांक: 10 मार्च 2026
स्थान: मातृ सदन, कनखल, हरिद्वार
ग्राम रानी माजरा में मत्स्य पालन की आड़ में भीषण अवैध खनन – भ्रष्ट खनन अधिकारी के संरक्षण में माफिया राज सक्रिय।
हरिद्वार जनपद के ग्राम रानी माजरा में इन दिनों खुलेआम बड़े पैमाने पर अवैध खनन का अंधा खेल जारी है। भारी भरकम पोकेलैंड मशीनों के माध्यम से दिन-रात गंगा तटीय क्षेत्र में 50-60 फुट गहराई तक खनिज का अवैध दोहन किया जा रहा है। यह पूरा कृत्य तथाकथित पिसीकल्चर (मत्स्य पालन) की आड़ में किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि यह सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा खनन माफिया का अवैध कारोबार है।
मातृ सदन द्वारा इस गंभीर विषय पर जिलाधिकारी हरिद्वार एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार सहित प्रशासन के विभिन्न अधिकारियों को बार-बार शिकायतें और प्रतिवेदन दिए गए, किन्तु कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि प्रशासनिक तंत्र खनन माफिया के साथ कार्य कर रहा है।
इस अवैध खनन के पीछे हरिद्वार के भ्रष्ट खनन अधिकारी काज़िम रजा की प्रत्यक्ष भूमिका है। मातृ सदन के पास इसके प्रमाण मौजूद हैं। इस पूरे अवैध खनन को संरक्षण प्रदान करने में, खनन माफियाओं से प्राप्त हो रहे अवैध उगाही को राउट करने में और शासन-प्राशन को गलत रिपोर्ट देने में इन्होनें सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। यह भी संज्ञान में आया है कि जून 2025 में पिसीकल्चर के नाम पर हाई कोर्ट – सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के विरुद्ध जाकर भ्रष्टाचार के तहत जो कथित अनुमति दी गई थी, वह छः माह की अवधि के लिए थी, जिसकी अवधि समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद आज भी उसी अनुमति की आड़ में अवैध खनन जारी है।
और भी गंभीर तथ्य यह है कि संबंधित मत्स्य विभाग को इस कथित अनुमति के बारे में कोई जानकारी तक नहीं है। उक्त अनुमति पत्र केवल जिलाधिकारी हरिद्वार और खनन अधिकारी हरिद्वार को चिह्नित किया गया था, जिससे यह स्पष्ट है कि पूरी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता और मिलीभगत है।
इस प्रकार का अवैध खनन न केवल पर्यावरण और गंगा तटीय क्षेत्र के लिए अत्यंत घातक है, बल्कि यह माननीय न्यायालयों द्वारा अवैध खनन पर लगाए गए प्रतिबंधों का प्रत्यक्ष अवमानना भी है। इससे यह भी परिलक्षित हो चुका है कि प्रशासन के कुछ अधिकारी स्वयं को कानून और न्यायालय से ऊपर समझते हैं।
मातृ सदन स्पष्ट चेतावनी देता है कि यदि ग्राम रानी माजरा में चल रहे इस अवैध खनन पर तत्काल प्रभाव से रोक नहीं लगाई गई और दोषी अधिकारियों तथा माफियाओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो मातृ सदन संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सत्याग्रह का रास्ता अपनाएगी और तब मांग इनकी संपत्ति की जांच के साथ-साथ इन भ्रष्ट अधिकारियों को निष्काषित करने के लिए होगी। न्यायालय में अवमानना की कार्यवाही पहले ही प्रारंभ की जा चुकी है। इसी गंभीर विषय पर आज दिनांक 10 मार्च 2026 को दोपहर 12:30 बजे मातृ सदन, कनखल (हरिद्वार) में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की जा रही है, जिसमें इस अवैध खनन और प्रशासनिक भ्रष्टाचार से जुड़े तथ्य एवं प्रमाण मीडिया के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।

