महंत रो​हित गिरी का आरोप, कहा उनके खिलाफ हुआ बड़ा षड़यंत्र

मां चंडी देवी मंदिर ट्रस्ट से जुड़े मामले में महंत रोहित गिरी बुधवार को मीडिया के सामने आए। इस दौरान उन्होंने अपने खिलाफ बड़े षड्यंत्र की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस और एक महिला की मिलीभगत से उन पर फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए। महंत ने कहा कि होली के दिन वह हरिद्वार में अपने घर पर मौजूद थे, जबकि उन्हें पंजाब में दिखाकर मामला दर्ज किया गया। फास्टैग की लोकेशन डिटेल भी दिखाई गई।
रानीपुर मोड़ स्थित होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में पत्रकारों से रूबरू होते हुए महंत रोहित गिरी ने बताया कि 13 मई 2025 को अदालत से आदेश कराया गया और इसी तारीख को उनका त्याग पत्र दिखाया गया, जबकि यह पूर्णरूप से झूठा है। उसी सुबह लगभग 7 बजे पुलिस घर पहुंची। उन्होंने कहा कि यह सब सोचे-समझे षड्यंत्र के तहत किया गया। उन्होंने बताया कि उनका बेटा उनके पास आया और कहा कि उनका वकील गलत है। इस पर उन्होंने अपना वकालतनामा वापस दे दिया, लेकिन इसके बाद उनकी जमानत प्रक्रिया को षड्यंत्रपूर्वक लंबा खींचा गया। महंत रोहित गिरी ने कहा कि उनके नाम से फर्जी हस्ताक्षर कर इस्तीफे का पत्र तैयार किया गया। उन्होंने इस पूरे मामले में अपनी पत्नी गीतांजलि, बेटे भवानी नन्दन गिरी समेत कई लोगों पर षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप लगाया।

मुख्य ट्रस्टी नहीं दे सकता त्याग पत्र
उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से उनका तलाक का मामला चल रहा है। यदि उन्होंने त्यागपत्र दिया है, तो यह बताना होगा कि किसके सामने और कब दिया गया। उन्होंने कहा कि आखिर मुख्य ट्रस्टी त्यागपत्र देगा तो किसको देगा। महंत ने कहा कि गीतांजलि की छोटी बहन पुष्पांजलि गौड़ का इस्तीफा 15 मई 2025 को स्वीकार दिखाया गया, जबकि उस समय वे स्वयं महंत पद पर ही थे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटनाक्रम लंबे समय से रचे जा रहे षड्यंत्र का हिस्सा है।

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