भारतीय संस्कृति – दुनिया की अनमोल धरोहर: स्वामी रामभजन वन
श्री नटराज मंदिर और श्री नटराज मंदिर में भारतीय संस्कृति का शानदार प्रमोशन
हरिद्वार/डरबन। शिव शक्ति मेडिटेशन सेंटर के फाउंडर और निरंजनी अखाड़े के इंटरनेशनल संत स्वामी रामभजन वन महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति दुनिया की अनमोल धरोहर है, जो पूरी इंसानियत को शांति, मेलजोल और आध्यात्मिक तरक्की का मैसेज देती है।
उन्होंने बताया कि ग्रैंड सेबल (मॉरिशस) और डरबन (साउथ अफ्रीका) में श्री नटराज मंदिर भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों के ग्लोबल प्रमोशन में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
स्वामी रामभजन वन महाराज ने बताया कि महाशिवरात्रि का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने शिव पूजन, रुद्राभिषेक और भजन-कीर्तन में हिस्सा लिया।
इन मंदिरों में रेगुलर तौर पर धार्मिक रस्में, सांस्कृतिक कार्यक्रम, डांस और ड्रामा, वेद पाठ और बड़े भारतीय त्योहार होते हैं। इससे NRIs के साथ-साथ लोकल कम्युनिटी भी भारतीय संस्कृति से गहराई से जुड़ रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों के ज़रिए योग, भारतीय क्लासिकल डांस, संगीत और रीति-रिवाजों को दुनिया के मंच पर पेश किया जा रहा है। यह पहल इंटरनेशनल लेवल पर भारत की सांस्कृतिक विरासत को मज़बूत करने की एक तारीफ़ के काबिल और प्रेरणा देने वाली कोशिश है।
स्वामी ने भरोसा जताया कि भविष्य में भी ऐसे इंटरनेशनल सांस्कृतिक आयोजनों का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे दुनिया भर में भारतीय संस्कृति का गौरव और बढ़ेगा।
भारतीय संस्कृति – वसुधैव कुटुम्बकम की जीती-जागती मिसाल है।

