सिडकल में एक कंपनी ने सरकारी बोरवेल की लगभग 400 मीटर भमि पर अतिक्रमण कर लिया। शिकायत

Haridwar सिडकुल की भूमि पर अतिक्रमण ऐसी भूमि के आवंटन के लिए बिडिंग प्रक्रिया अनिवार्य है। उच्चतम बोली लगाने वाली कंपनी को ही एमडी स्तर से अन्मति मिलती है जिसमें कागजी प्रक्रियाएं पूरी करनी पडती हैं। जांच रिपोर्ट के बाद मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। ‘बता दें कि इससे चार दिन पूर्व एक अन्य कंपनी ने ग्रीन बेल्ट की करीब 40000 वर्ग फुट भूमि पर अतिक्रमण करने पर एमडी आईएएस शौरभ गहरवार के निर्देश पर अतिक्रमण ध्वस्त कराया गया था। क्षेत्रीय प्रबंधक को फटकार लगाते हए बेशकीमती भूमि पर अतिक्रमण रोकने की चेतावनी दी गई थी। इसके बाद भी अतिक्रमण की शिकायत उच्च स्तर पर पहुंची
जीएम सिडकुल पूरन सिंह राणा नें कहा कि शिकायत प्राप्त हुई है और इसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। यदि शिकायत सत्य सिद्ध होती है तो नियमानसार कदम उठा

हरिद्वार। सिडकल में एक कंपनी ने सरकारी बोरवेल की लगभग 400 मीटर भमि पर अतिक्रमण कर लिया। शिकायत उच्च स्तर पर हईं तों मामले की जांच शरू हो गई। सिडकल के अधिकारी के मानें तो इस जमीन की कीमत डेढ करोड रुपये से अधिक गई है। इस भूमि से सिडक्ल ने बोरवेल तब हटाया था जब बोरवैल पूरी तरह खराब हो चुका था। इसमें लगी संबंधित ‘मशीनरी तक हटा ली थीं, लेकिन भूमि को अपने कब्जे मे ‘नहीं लिया और न ही अतिक्रमण हटाने के कोई प्रयास किए। नतीजतन बोरवेल भमि से सटी एक कंपनी ने चारों ओर बाउंडीवाल बना ली। यही नहीं डस पर निर्माण कार्य भी श्रू कर दिया गया। शिकायत के बावजूद क्षेत्रीय प्रबंधक और जूनियर इंजीनियर ने कार्रवाई करनी मुनासिब नहीं ‘समझी। शिकायत प्रबंध निदेशक तथा जीएम सिडकल तक पहंचने पर सोमवार को निदेशालय की टीम ने मौके पर पहुचकर अतिक्रमण भूमि और कंपनी का निरीक्षण

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