एस.एम.जे.एन. पी.जी. कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन का सफल आयोजन किया गया

मनोज ठाकुर

एस.एम.जे.एन. पी.जी. कॉलेज के एनएसएस शिविर

जल संरक्षण व अक्षय ऊर्जा का गूँजा संदेश
छात्राओं ने सीखी आत्मरक्षा की बारीकिय
एस.एम.जे.एन. पी.जी. कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन का सफल आयोजन किया गया। आज की गतिविधियों का केंद्र जन-जागरूकता, कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण रहा।
दिन की शुरुआत और जन-सम्पर्क
शिविर के चौथे दिन का शुभारंभ स्फूर्तिदायक योगाभ्यास और मां गंगा की भव्य आरती के साथ हुआ। इसके पश्चात, स्वयंसेवियों और शिक्षिकाओं ने कॉलेज द्वारा अधिग्रहित बैरागी कैंप की बस्तियों का भ्रमण किया। वहां के निवासियों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया।


जल संरक्षण एवं अक्षय ऊर्जा पर विशेष व्याख्यान
बस्ती वासियों को संबोधित करते हुए कार्यक्रम अधिकारियों ने महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं:
जल संरक्षण: डॉ. पद्मावती तनेजा ने ‘जल शक्ति अभियान’ और ‘अटल भूजल योजना’ पर प्रकाश डाला। उन्होंने वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से जल निकायों के पुनरुद्धार पर जोर दिया।
अक्षय ऊर्जा: डॉ. पुनिता शर्मा ने बताया कि भारत सरकार का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता हासिल करना है। उन्होंने ‘पीएम कुसुम’ और ‘रूफटॉप सोलर’ जिस पर 40% तक सब्सिडी उपलब्ध है के लाभ गिनाए।
छात्रा दीक्षा, राधिका, निकिता, रितिका, एकता, दिव्या और नवधा ने स्थानीय लोगों से इन योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया।
आत्मरक्षा: ‘वुशु’ मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण
शिविर के एक विशेष सत्र में राष्ट्रीय कोच श्रीमती आरती सैनी ने छात्राओं को वुशु मार्शल आर्ट के माध्यम से आत्मरक्षा के गुर सिखाए। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा, अपनी सुरक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद करना पहली सीढ़ी है।उन्होंने बताया कि वुशु आत्मरक्षा के लिए सबसे प्रभावी तकनीकों में से एक है।
सांस्कृतिक गतिविधि: मेहंदी प्रतियोगिता
स्वयंसेवियों की रचनात्मकता को निखारने के लिए मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें परिणामों की घोषणा निर्णायक मंडल डॉ. पल्लवी राणा और डॉ. मीनाक्षी शर्मा द्वारा की गई
प्रथम: शिवानी द्वितीय: तनु तृतीय: ज्योति सांत्वना पुरस्कार: मयूरी और वैभवी
आज के समस्त कार्यक्रमों को सफल बनाने में श्रीमती रचना गोस्वामी और विनीत कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *