प्रशासन का कड़ा प्रहार जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देश पर हाजी इकबाल की करोड़ों की संपत्ति कुर्क!
गैंगस्टर हाजी इकबाल की शामत: जिलाधिकारी मनीष बंसल ने जब्त की अवैध तरीके से अर्जित संपत्तियां।
मिर्ज़ापुर/सहारनपुरसहारनपुर के जिलाधिकारी मनीष बंसल ने आज बड़े खनन कारोबारि और पूर्व MLC हाजी इकबाल उर्फ बाला के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक को अंजाम दिया है! प्रशासन ने हाजी इकबाल की अवैध रूप से अर्जित की गई 56 अचल संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश जारी किया है! इस कार्रवाई की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं! कार्रवाई का विवरणसंपत्तियों की संख्या कुछ इस प्रकार है जोकि कुल 56 संपत्तियां कुर्क की गई हैं।कुल अनुमानित बाजार मूल्य: इन संपत्तियों की वर्तमान मार्केट वैल्यू लगभग 2 अरब 76 लाख रुपये ($2,75,97,00,000$) आंकी गई है।कानूनी आधार पर यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप अधिनियम 1986 (गैंगस्टर एक्ट) की धारा 14(1) के तहत की गई है। जिलाधिकारी ने इन सभी संपत्तियों के प्रबंधन के लिए तहसीलदार बेहट को आधिकारिक प्रशासक नियुक्त किया है।पृष्ठभूमि और मुख्य बिंदुहाजी इकबाल और उनके सहयोगियों पर उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के विभिन्न थानों में लगभग 50 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं! इस कार्रवाई की जद में हाजी इकबाल के साथ उनके बेटे (जावेद, वाजिद, अलीशान, अफजाल) और सहयोगी (नसीम, राव लईक) भी शामिल हैं! जांच में पाया गया कि ये सभी संपत्तियां अवैध खनन और अन्य आपराधिक गतिविधियों के माध्यम से अर्जित काले धन से खरीदी गई थीं।बता दें कि हाजी इकबाल लंबे समय से फरार चल रहा है और उस पर प्रशासन द्वारा 1 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी उसकी करोड़ों की संपत्ति (ग्लोकल यूनिवर्सिटी सहित) को अटैच कर चुका है।

