इलाहाबाद हाई कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री के नाम के साथ प्राथमिकी (FIR) में सम्मानसूचक शब्द न जोड़ने को गंभीर चूक माना है।
जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव से इस मामले में हलफनामा दाखिल कर कारण स्पष्ट करने को कहा है।
कोर्ट ने आदेश में कहा कि यदि शिकायतकर्ता ने मंत्री का नाम बिना ‘माननीय’ या ‘श्रीमान’ जैसे शब्दों के लिखा है, तब भी एफआईआर दर्ज करने वाली पुलिस की जिम्मेदारी है कि प्रोटोकॉल के अनुसार नाम के आगे उचित सम्मानसूचक शब्द जोड़े।

