- “हर द्वार, दस्तक” अभियान: 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक चलेगा। यह मकान सूचीकरण और आवास जनगणना का पहला चरण है।
- सेल्फ-इन्यूमरेशन में देहरादून आगे: 10 से 23 अप्रैल तक 62,000+ लोगों ने डिजिटल तरीके से खुद की गणना की। देहरादून जिले में सबसे ज्यादा 10,884 लोगों ने भाग लिया।
- प्रशिक्षित टीम तैनात: कुल 20,859 प्रगणक और 3,670 पर्यवेक्षक नियुक्त। सभी को HLO मोबाइल ऐप की ट्रेनिंग दी गई है। इन्हें 555 बैच में बांटा गया था।
- पूरे राज्य का डिजिटल मैप तैयार: उत्तराखंड को 29,567 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLBs) में बांटा गया है। हर ब्लॉक का डिजिटल नक्शा HLBC पोर्टल पर तैयार है। प्रगणक ऐप में लॉगिन करते ही अपना इलाका और नक्शा देख सकेंगे।
- घर-घर जाकर गणना: लगभग 32,000 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक में डोर-टू-डोर गणना होगी। प्रगणक हर घर जाकर सुविधाओं और संपत्तियों से जुड़े 33 सवालों के आधार पर डेटा इकट्ठा करेंगे।
- पहली बार पूर्ण डिजिटल जनगणना: भारत के इतिहास में पहली बार पूरी जनगणना मोबाइल ऐप आधारित डिजिटल सिस्टम से हो रही है। ये डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम है।
- साइबर धोखाधड़ी से सावधान: जनगणना निदेशक सुश्री एवा आशीष श्रीवास्तव ने जनता से साइबर फ्रॉड से सतर्क रहने की अपील की। राज्य इस दौरान ऐसे मामलों पर काम कर रहा है।
निदेशक की अपील: सभी नागरिक प्रगणकों को पूरा सहयोग दें और सही जानकारी देकर इस राष्ट्रीय महत्व के अभियान में योगदान करें।
उपस्थित अधिकारी: श्री एस.एस. नेगी (संयुक्त निदेशक), श्रीमती तान्या सेठ (उप निदेशक), श्री आर.के. बनवारी (उप निदेशक), श्री प्रवीण कुमार (उप निदेशक) और अन्य अधिकारी।

