पहाड़ों पर विकास के नाम पर विनाश की पटकथा

मात सदन स्वामी शिवानंद जी

पिछले वर्ष बरसात अधिक होने के कारण पूरा उत्तराखंड खंड खंड बन गया था जगह-जगह बादल फटने की खबरें आ रही थी आपदा जैसा बंजर आपने कभी नहीं देखा होगा जो पिछले बरसात में देखा गया था उसका मैन कारण भारी मशीनों के द्वारा पहाड़ों पर हो रहे विकास के नाम पर विनाश की पटकथा लिखने का काम सरकार कर रही है / स्वामी सुधानंद जी

उत्तराखंड विनाश के कगार पर पहुंच चुका है। यहां का शासन-प्रशासन पूरी तरह निरंकुश होकर प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और विनाश में लगा हुआ है। कहीं भी नियम-कानून का पालन होता दिखाई नहीं देता। माफिया तंत्र खुलेआम हावी है और वह शासन-प्रशासन को नियंत्रित कर रहा है।

शासन यह दावा कर रहा है कि चारधाम यात्रा की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, लेकिन वास्तव में ये तैयारियां किस प्रकार की हैं, यह ऊपर दिए गए वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। बद्रीनाथ धाम के मार्ग में श्रीनगर क्षेत्र में अलकनंदा नदी के तल को भारी मशीनों द्वारा खोदकर पूरी तरह से नष्ट किया जा रहा है, और यह कार्य लगातार जारी है। यह सब कुछ खुलेआम, सरकार की नाक के नीचे हो रहा है।

विनाश का यह दृश्य अत्यंत स्पष्ट है। चारधाम जाने वाले श्रद्धालुओं को इसी मार्ग से होकर गुजरना होगा और उन्हें यह सब देखने के लिए विवश होना पड़ेगा। इसके बावजूद न तो किसी प्रकार की शिकायत पर कार्रवाई होगी और न ही कोई नियम-कानून लागू होंगे।

अलकनंदा नदी की तलहटी में हो रहा यह अवैध खनन इस विनाश का प्रत्यक्ष उदाहरण है। इस मार्ग से जितनी बार भी कोई गुजरेगा, उतनी ही बार उसे सैकड़ों मशीनें नदी को खोदते हुए, बर्बाद करते हुए दिखाई देंगी। यही है चारधाम यात्रा की वास्तविक तैयारी, और यही प्रदेश के “विकास” का मॉडल है। प्रधानमंत्री कल प्रदेश का दौरा करके गए हैं । प्रधानमंत्री बनने के बाद उत्तराखंड का ये उनका 28वां दौरा था । स्पष्ट है कि प्रत्येक दौरे के परिणामस्वरूप प्रदेश “विकास” की ओर तेज़ी से बढ़ा है ।

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