अखाड़ा परिषद अध्यक्ष एक बर फिर से विवाद पर बोले रविंद्र पुरी महाराज -उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ से पहले अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर विवाद सामने आया है।

उज्जैन में सिंहस्थ से पहले अखाड़ा परिषद अध्यक्ष पद को लेकर विवाद उभर आया है। 13 अखाड़े दो गुटों में बंटे हैं। 8 अखाड़ों के समर्थन से रविंद्र पुरी ने खुद को अध्यक्ष बताया, जबकि दूसरे गुट ने ने भी अपने को अखड़ा परिषद का अध्यक्ष बताया दोनों के नाम एक जैसे ही है
अखाड़ा परिषद अध्यक्ष विवाद पर बोले रविंद्र पुरी महाराज –
उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ से पहले अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर विवाद सामने आया है।

इस पद पर दो दावे किए जा रहे हैं। 13 अखाड़े दो गुट में बंटे नजर आ रहे हैं। एक धड़ा निरंजनी अखाड़े के रविंद्र पुरी को अध्यक्ष मानता है, जबकि दूसरा महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव रविंद्र पुरी को अध्यक्ष बता रहा है। एक जैसा नाम होने से असमंसज की स्थिति बनी है महानिर्वाणी अखाड़े की महंत गादी को लेकर बड़ा निर्णय, महंत विनीत गिरि महाराज ही बने रहेंगे गादीपति

उज्जैन में वर्ष 2028 में सिंहस्थ महाकुंभ आयोजित होने वाला है। सिंहस्थ को लेकर जहां एक और सरकार और प्रशासन बड़े स्तर पर तैयारी कर रहा है तो वहीं दूसरी और साधु संतों में दो फाड़ दिखाई दे रही है। देश के 13 अखाड़े में से 8 अखाड़ों का समर्थन महानिर्वाणी अखाड़े के रविंद्र पूरी महाराज को मिला है। इसी बीच रविवार को मंगलनाथ मार्ग स्थित निर्वाणी अणि अखाड़ा में संतों का समागम हुआ। संतों के इस समागम में 13 में से 8 अखाड़ों के साधु संत शामिल हुए। खास बात यह रही कि यहां हरिद्वार से पहली बार आए महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव संत रविंद्र पुरी महाराज स्वागत सम्मान हुआ। इसके बाद रविंद्र पुरी महाराज ने मीडिया से कहा कि वे खुद वर्तमान में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष हैं। उनके साथ में निर्मोही अणि अखाड़े के राजेंद्र दास सचिव हैं। उन्हें लिखित और चयनित दोनों रूपों में 13 में से 8 अखाड़े का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद चार संप्रदाय से मिलकर बनी है। इसमें संन्यासी, उदासीन, वैष्णव और निर्मल शामिल है। इन चारों संप्रदाय के अखाड़े उनके नेतृत्व वाली अखाड़ा परिषद में शामिल हैं। इसीलिए वे खुद अखाड़ा परिषद के चुने गए अध्यक्ष हैं।

रविवार को मंगलनाथ मार्ग स्थित निर्वाणी अणि अखाड़ा में संतों का समागम हुआ। जिसमें निम्न अखाडा का समर्थन दर्शाया गया
इन अखाड़ों का समर्थन बताया
देश के 13 अखाड़े में से 8 अखाड़ों का समर्थन महानिर्वाणी अखाड़े के रविंद्र पूरी महाराज को मिला है। इन अखाड़ों में 1- महानिर्वाणी अखाड़ा, 2- अटल अखाड़ा, 3-निर्मल अखाड़ा, 4- नया उदासी अखाड़ा, 5- बड़ा उदासीन अखाड़ा, 6-निर्वाणी अणि अखाड़ा, 7- दिगंबर अणि अखाड़ा और 8-निर्मोही अणि अखाड़ा शामिल है। इस प्रकार बहुमत के आधार पर अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महानिर्वाणी अखाड़े के रविंद्र पुरी महाराज ही होंगे।

सिंहस्थ के हर कार्यों पर हमारा ध्यान
पुरी ने कहा कि वर्ष 2028 मे सिंहस्थ महाकुंभ आयोजित होने वाला है। सिंहस्थ को लेकर सरकार और प्रशासन बड़े स्तर पर तैयारी कर रहा है। सिंहस्थ कुंभ के आयोजन को लेकर हमारी समय समय पर अधिकारियों से सूक्ष्म चर्चा होती रहती है। हम लगातार अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे।
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