मनोज ठाकुर
संगीत में डाॅक्ट्रेट कर वंदना शर्मा ने धर्मनगरी का बढ़ाया मान
हरिद्वार। शिवालिकनगर, हरिद्वार निवासी संगीत शिक्षिका श्रीमती वंदना शर्मा ने श्री जगदीशप्रसाद झाबरमल टिबड़ेवाला विश्वविद्यालय, झुंझनू (राजस्थान) से ‘गढ़वाली लोकगीत एवं प्रमुख जागर शैली का विश्लेषणात्मक अध्ययन’ विषय पर तैयार किये अपने शोधकार्य के आधार पर डाॅक्ट्रेट की उपाधि हासिल करके धर्मनगरी का मान बढ़ाया है।

डाॅ० वंदना ने अपनी उपरोक्त पी-एच०डी० शोध निर्देशिका डॉ० रंजना सक्सेना (एसोसिएट प्रोफेसर संगीत विभाग, राजस्थान) एवं सह-शोध निर्देशिका पद्मश्री विभूषित डॉ० माधुरी बड़थ्वाल (संस्थापिका, मनु लोक संस्कृत संवर्धन संस्थान, देहरादून) के सान्निध्य में पूर्ण की है, जिसके परिणामस्वरूप डाॅ० वंदना शर्मा को विश्वविद्यालय के ललित कला संकाय की डीन डॉ० अंजू सिंह तथा रजिस्ट्रार डॉ० अजीत कसवां एवं अनेक विशिष्ट अतिथियों की सन्निधि में उपरोक्त उपाधि प्रदान की गई।
डाॅक्ट्रेट की उपाधि प्राप्त कर डाॅ० वंदना शर्मा ने अपने विश्वविद्यालय की सभी विशिष्ट विभूतियों, शोध निर्देशिका डॉ० रंजना सक्सेना एवं सह-शोध निर्देशिका डॉ० माधुरी बड़थ्वाल, सभी सम्बन्धियों एवं मित्रजनों को हार्दिक धन्यवाद दिया है तथा विशेषरूप से अपनी गुरु डॉ० गीतांजलि जोशी (प्राचार्य महिला महाविद्यालय, सती कुंड, कनखल) का विशेष आभार व्यक्त किया है, जो उन्हें संगीत सिखाने के साथ-साथ उनके शोधग्रंथ की प्रेरणास्रोत भी बनी और जिन्होंने उन्हें संगीत अध्यापिका के पद पर भी स्थापित किया।

