मातृ आश्रम, कनखल, हरिद्वार के परिसर में एक अत्यन्त गंभीर एवं सुनियोजित आपराधिक घटना घटित हुई है, जो स्पष्ट रूप से मातृ सदन तथा यहाँ के संतों के विरुद्ध रचे जा रहे एक बहुत बड़े और गहरे षड्यंत्र को उजागर करती है।


स्थान: मातृ सदन आश्रम, कनखल, हरिद्वार

आज दिनांक 16 मार्च 2026 को सायं लगभग 4:45 बजे से 5:15 बजे के मध्य मातृ सदन आश्रम, कनखल, हरिद्वार के परिसर में एक अत्यन्त गंभीर एवं सुनियोजित आपराधिक घटना घटित हुई है, जो स्पष्ट रूप से मातृ सदन तथा यहाँ के संतों के विरुद्ध रचे जा रहे एक बहुत बड़े और गहरे षड्यंत्र को उजागर करती है।

आज त्रयोदशी / प्रदोष के दिन परम पूज्य श्री गुरुदेव जी पूरे दिन ध्यान-साधना में लीन थे। आश्रम के एक संत ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद आश्रम परिसर में जिला जज नरेन्द्र दत्त के विरुद्ध अनशन पर हैं तथा ब्रह्मचारी सुधानंद किसी आवश्यक कार्यवश शहर से बाहर गए हुए थे। ठीक इसी स्थिति का लाभ उठाते हुए एक अज्ञात व्यक्ति दिनदहाड़े मातृ सदन आश्रम परिसर में घुस आया और सीधे साध्वी पद्मावती जी के कक्ष का दरवाज़ा खोलकर अंदर प्रवेश कर गया तथा उनके सिरहाने जाकर खड़ा हो गया।

इससे पहले की वो कुछ और प्रयास करता, साध्वी पद्मावती जी को जब अपने कक्ष में किसी अनचाहे व्यक्ति की उपस्थिति का आभास हुआ तो उन्होंने तुरंत आंख खोलकर उसे देखा और जोर-जोर से चिल्लाकर सहायता के लिए पुकारा। उनकी आवाज़ सुनकर आश्रम के अन्य लोग तत्काल वहाँ पहुँचे, जिन्होंने एक अज्ञात व्यक्ति को साध्वी जी के कक्ष से बाहर निकलते हुए देखा। तत्पश्चात आश्रम में तैनात सुरक्षा कर्मी ने अन्य लोगों की सहायता से उस व्यक्ति को पकड़ लिया और उसे जगजीतपुर पुलिस चौकी को सुपुर्द कर दिया।

ऐसे संवेदनशील समय में जब आश्रम में जिला जज के विरुद्ध अनशन को 24 दिन पूरे हो चुके हैं, यह अत्यन्त गंभीर घटना है कि साध्वी पद्मावती जी, जो स्वयं चल-फिर नहीं सकतीं तथा अपनी शारीरिक स्थिति के कारण स्वयं का बचाव करने में पूर्णतः असमर्थ हैं, ऐसी अवस्था में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके कक्ष में घुसकर उनके अत्यन्त निकट तक पहुँच जाना न केवल एक आपराधिक कृत्य है, बल्कि इसके पीछे के व्यक्तियों का मातृ सदन को बदनाम करने का यह एक घोर अमानवीय और कायरतापूर्ण प्रयास भी है।

मातृ सदन का स्पष्ट मत है कि यह घटना कोई सामान्य आपराधिक घटना नहीं, बल्कि खनन माफिया, भू-माफिया, क्रशर माफिया तथा पुलिस एवं प्रशासन के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों सहित अन्य, जो इस वक़्त सीधे मातृ सदन के क्रियाकलापों से प्रभावित हैं, द्वारा रचे गए एक गहरे और संगठित आपराधिक षड्यंत्र का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य मातृ सदन के संतों के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देना तथा आश्रम की छवि को धूमिल करना है।

यह भी अत्यन्त गंभीर है कि वर्तमान में मातृ सदन में हो रहे कार्यों के कारण वातावरण पहले से ही अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है। ऐसे समय में इस प्रकार की घटना का होना कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है और इस आशंका को और भी प्रबल करता है कि इसके पीछे कोई संगठित और सुनियोजित साजिश काम कर रही है, जिसमें आला अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं जिनके क्रियाकलापों विरोध मातृ सदन कर रही है।

सबसे अधिक हैरान करने वाली और प्रशासन की संवेदनहीनता को उजागर करने वाली बात यह है कि इतनी गंभीर घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी अब तक न तो प्रशासन का कोई वरिष्ठ अधिकारी और न ही पुलिस का कोई उच्च अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचा है। यह स्थिति अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय और प्रशासनिक उदासीनता का स्पष्ट उदाहरण है।

मातृ सदन आश्रम ने इस संबंध में थाना कनखल में तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए यह भी स्पष्ट किया है कि पकड़े गए व्यक्ति से कठोर एवं गहन पूछताछ कर इस घटना के पीछे छिपे बड़े षड्यंत्र, उसके सूत्रधारों तथा उसमें संलिप्त सभी व्यक्तियों का पर्दाफाश किया जाए।

साथ ही यह भी मांग की गई है कि खनन माफिया, भू-माफिया, क्रशर माफिया तथा उनसे जुड़े प्रभावशाली तत्वों की भूमिका की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मातृ सदन प्रशासन ने जिलाधिकारी हरिद्वार एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार से इस अत्यन्त गंभीर प्रकरण में तत्काल संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों को कानून के कठघरे में लाने की मांग की है।

मातृ सदन स्पष्ट रूप से यह कहना चाहता है कि यदि इस घटना की निष्पक्ष जांच नहीं की गई और दोषियों को शीघ्र दंडित नहीं किया गया तो इसके लिए पूर्णतः प्रशासन और पुलिस की जवाबदेही

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