हिंदू रक्षा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा की गई प्रेस वार्ता

आज 15 मार्च 2026 प्रेस क्लब हरिद्वार में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए हिंदू रक्षा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारत साधु समाज के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि जी महाराज ने कहा सोशल मीडिया के द्वारा हमें ज्ञात हुआ कि जूना अखाड़े ने 30 नवंबर को एक पत्र के द्वारा समाज को बताया कि उन्हें और उनके गुरु जी को जूना अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया है।

निष्कासन के जो आरोप लगाए उसका जवाब हमने अपने अधिवक्ता के द्वारा अखाड़े के तथाकथित पदाधिकारीयों को भेजा लेकिन उनकी तरफ से आज तक कोई भी जवाब नहीं आया हमें विभिन्न लोगों के द्वारा बार-बार शांत रहने को कहा गया सब ठीक हो जाएगा। इसीलिए ही पत्रकार वार्ता करने में विलंब हुआ कुछ अपने कार्यक्रम हरिद्वार से बाहर निरंतर लगे हुए थे आज मैं आप सबके बीच में कुछ स्पष्टीकरण कर रहा हूं। अखाड़े द्वारा लगाए हुए आरोप सभी झूठे ,मनगढ़ंत तथा दुर्भावना पूर्ण है जब कि आज तक अखाड़े एवं अखाड़े के पदाधिकारियों आदि के खिलाफ मैंने कभी भी कोई ऐसा कार्य नहीं किया जो अनुशासनहीनता में आए। उनके निष्कासन पत्र के द्वारा यह अवश्य स्पष्ट होता है की अखाड़ा शासन और प्रशासन के द्वारा चलाया जाता है जिसे कोई भी अखाड़े का अधिकारी स्वतंत्र निर्णय लेने का अधिकारी नहीं है। यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है।
यहां पर मैं एक बात और स्पष्ट कर दूं मैंने कभी अखाड़े में न तो नागा दीक्षा ली और नहीं कभी सदस्यता प्राप्त की मैं अपने गुरु द्वारा दीक्षित हूं तो फिर अखाड़े से निष्कासन का प्रश्न कहां बनता है जबकि मैं महामंडलेश्वर के रूप में 2007 में प्रयागराज में संतो के द्वारा सम्मानित कर बनाया गया। 2010 में जूना अखाड़े ने अखाड़े में अभिषेक करने के लिए आमंत्रित किया था लेकिन मैं अखाड़े में नहीं पहुंचा ।2021में जूना अखाड़े में आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज द्वारा अभिषेक किया गया ।वह अभिषेक की प्रक्रिया वापस नहीं की जा सकती अगर अभिषेक की प्रक्रिया वापस की जा सकती हो तो उसी प्रक्रिया से वापस किया जा सकता है जिस प्रक्रिया से अभिषेक किया गया था । अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर ही वह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं और किसी भी अन्य पदाधिकारी को अधिकार नहीं है।
उल्टे अखाड़े ने लाखों रुपए की धनराशि जो प्राप्त की थी वह अभी तक वापस नहीं लौटाई जिसे मैं आपके द्वारा वापस मांग रहा हूं बिना विलंब करे मेरा धन लौटाए नहीं तो मैं कानूनी कार्रवाई के द्वारा वापस लूंगा।
जूना अखाड़े के कुछ लोगों के द्वारा काले कारनामें किए जाते थे जिन्हें मैंने करने से मना किया यह साधु संतों को शोभा नहीं देता जिसके कारण ईर्ष्या के कारण मेरा अपमान करने के लिए निष्कासन पत्र प्रकाशित किया गया। अखाड़े में अनैतिक एवं नशे के कार्य संपन्न करने के लिए विभिन्न रूपों में महामंडलेश्वरों से अवैध रूप से धन मांगा जाता है जिसका अखाड़े में दुरुपयोग किया जाता है जिसे बार-बार मांगने पर हमने देने से मना किया।
कुंभ में दिखाने के लिए घर परिवार के लोगों को नशा करा कर राख लगाकर एक दिन के लिए नागा बनाया जाता है जिसमें कुछ हिंदू रक्षा सेना के कार्यकर्ताओं को भी बनाया गया जिसका मैंने विरोध किया। मैंने कहा इस प्रकार समाज को और सरकार को धोखा देना ठीक नहीं है यह धर्म के साथ भी विश्वास घात है। जूना अखाड़े में अखाड़े के चार लोगों द्वारा एक गैंग बनाया गया है जिसका नेता हरि गिरी हैं जिसमें मोहन भारती, प्रेम गिरी,नारायण गिरी और स्वयं हरि गिरि है। इन चारों का आज से मैं सामाजिक बहिष्कार करता हूं मैं इन्हें अपने यहां पंक्ति में नहीं बुलाऊंगा और ना ही उनके यहां पंक्ति में जाऊंगा। अर्थात इन चारों का पंक्ति पत्तल बहिष्कार करता हूं। जूना अखाड़े के संतों से एवं अन्य साधु संतों से मेरा कोई भेदभाव तथा दुर्भाव नहीं है अगर वह व्यवहार रखेंगे तो मैं उनसे व्यवहार रख सकता हूं क्योंकि मैं भारत साधु समाज के द्वारा पूरे भारत के साधुओं को एकजुट करना चाहता हूं।यह कार्य मैं कर रहा हूं। देश के समस्त साधु संतों का हृदय से बहुत आदर सत्कार करता हूं और करता रहूंगा। भारत के सभी साधु संतों को ओम नमो नारायण एवं यथायोग्य प्रणाम भी करता हूं। संतों की सेवा, गाय सेवा और हरि सेवा मैं जीवन भर करता रहूंगा।
आज से निरंतर इन चारों के काले कारनामों को उजागर करता रहूंगा पूरे देश में घूम-घूम कर पत्रकार वार्ताएं भी करता रहूंगा।
अखाड़े में अवैध रूप से अयोग्य लोगों को केवल धन लेकर महामंडलेश्वर, आचार्य महामंडलेश्वर जगतगुरु शंकराचार्य आदि पदाधिकारी बनाने की प्रक्रिया बहुत ही सनातन को समाप्त करने वाली प्रक्रिया है जिसे मैं सदा से विरोध करता हूं विरोध करता रहूंगा। अखाड़े के अनपढ़ गंवार लोग पढ़े-लिखे शिक्षित महामंडलेश्वरों के साथ बहुत ही अशोभनीय व्यवहार तथा अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं जिसे हम जैसे लोग कभी स्वीकार भी नहीं कर सकते।
अखाड़े से अवैध रूप से कमाया हुआ धन अपने परिवारों में भेज कर उसका दुरुपयोग किया जाता है जिसमें से कुछ लोगों ने अखाड़े के धन से सूअर पालन व अन्य व्यापार का काम भी किया हुआ है अगर कोई इसका विरोध करता है तो घर परिवार के लोगों को बुलाकर जान से मारने की धमकी दिलाते हैं तथा गुंडा गर्दी करवाते हैं। पुराने तपस्वी संतों ने पूरे देश से भिक्षा मांग कर अखाड़े की संपत्तियां खड़ी की जो केवल सनातन के काम के लिए थी जिन्हें इन्होंने आजकल व्यापार करने का साधन बनाया हुआ है।
भारत सरकार से मैं निवेदन करता हूं कि उपयुक्त चारों व्यक्तियों की अवैध संपत्ति की जांच की जाए तथा सनातन विरोधी कार्यो की भी जांच की जाए कड़ी कार्यवाही की जाए।
महामंडलेश्वर शिक्षित योग्य पढ़े लिखे होते हैं जिन्हें अखाड़े में कुछ अनपढ़ गंवार ट्यूशन देने का काम करने का प्रयास करते हैं जो कभी भी स्वीकार नहीं किया जा सकता क्योंकि हम महामंडलेश्वरों का काम सनातन के विस्तार के लिए पूरे विश्व में घूम-घूम कर कार्य करने का काम है जिसे हम कर रहे हैं और सदा करते रहेंगे।
मैं व्यक्तिगत रूप से जब से होश संभाला है तब से आज तक केवल हिंदू धर्म अर्थात सनातन धर्म के लिए ही जीवन दिया है लगभग 15 वर्ष संघ के प्रचारक के रूप में काम किया श्री राम जन्मभूमि आंदोलन में 1985 से निरंतर कार्य किया जिसमें भव्य मंदिर बनाने की अंतिम अवसर तक मुझे कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। तथा प्रथम दर्शन करने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ। सन्यासी जीवन में भी अनेकों वर्ष हिमालय में रहने का अवसर प्राप्त हुआ तथा 14 वर्ष निरंतर गायों की सेवा में लग रहा हूं जो बिजनौर जिले में गौशाला है उसे मैंने स्वयं खड़े होकर विपरीत परिस्थितियों में कसाइयों से लगभग 400 बीघा भूमि को मुक्त कराया जो इतिहास के पन्नों में दुर्लभ कार्य के लिए अंकित किया जाएगा। पूरे भारत में श्री राम कथा भागवत कथा, शिव पुराण की कथा के द्वारा धर्म जागरण करना ही मेरा जीवन है तथा हिंदू रक्षा सेना एवं भारत साधु समाज के द्वारा हिंदू धर्म के विरोधियों को जवाब देना उनके खिलाफ कार्यवाही करना संगठन का निर्माण करना यह सब कार्य में निरंतर कर रहा हूं करता रहूंगा।
अगर अखाड़े के लोगों ने अपने धर्म विरोधी आदतों को नहीं छोड़ा तो उनके खिलाफ भी मैं निरंतर काम करूंगा इन सब के काले कारनामों के चिट्ठे आपके सामने आगे की पत्रकार वार्ताओं में आपके सामने समय-समय पर रखता रहूंगा अभी तो यह केवल सूचनात्मक पत्रकार वार्ता की है।
मुझे ऐसा लगता है श्री हरी गिरी नारायण गिरी,मोहन भारती, प्रेम गिरी आदि लोगों के अंतरराष्ट्रीय जिहादी लोगों से कोई सांठगांठ हो गई है जो मेरी हत्या करना चाहते हैं मेरी हत्या करने के लिए यह सब कार्य किया गया हो मैं लंबे समय से इस्लाम के जिहादियों से लड़ रहा हूं उन्होंने मेरी कई बार हत्या करने का प्रयास भी किया है।क्योंकि जब मेरा निष्कासन किया गया ठीक उसी दिन रात को प्रशासन पर अवैध रूप से दबाव बनाकर मेरा गनर भी हटाया गया जब मैंने सरकार को सूचना दी तो 10 दिनों बाद गनर मेरी सुरक्षा में आ गया। आपके माध्यम से सरकार से निवेदन करता हूं इसकी भी गंभीरता से जांच की जाए और मेरी सुरक्षा की विशेष चिंता की जाए क्योंकि उक्त लोग मेरी हत्या कराने के लिए कोई बड़ा षड्यंत्र भी रच सकते हैं क्योंकि उक्त चारों लोग आए दिन आश्रमों को कब्जा करते रहते हैं संतो के खिलाफ षड्यंत्र रास्ते रहते हैं सनातन विरोधियों से अवैध संबंध बनाए रखते हैं जिनके अंतर्राष्ट्रीय इस्लाम के जिहादियों से निकट संबंध है।
सरकार से मैं निवेदन करता हूं तत्काल किसी विशेष जांच एजेंसी से जांच कराई जाए तथा मेरी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
धन्यवाद
आपका अपना
महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि
राष्ट्रीय अध्यक्ष= हिंदू रक्षा सेना राष्ट्रीय संगठन महामंत्री= भारत साधु समाज.श्री बालाजी धाम श्यामपुर कांगड़ी हरिद्वार।
9412305751,7505997276

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