सवर्ण संगठनों और समुदायों की तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने
दिल्ली में गरमाया माहौल, केंद्र सरकार की ‘तुष्टिकरण नीति’ और दिल्ली पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
सवर्ण संगठनों और समुदायों की तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं , UGC प्रदर्शनकारियों और आलोचकों ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
केंद्र और गृह मंत्रालय पर लगे आरोप
विरोध कर रहे पक्षों का सीधा आरोप है कि मौजूदा UGC नीतियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में लाई गई हैं। आलोचकों ने बेहद सख्त लहजे में कहा है कि सरकार अपनी ‘तुष्टिकरण नीति’ का इस्तेमाल कर रही है।
पुलिस के ‘दोहरे रवैये’ पर उठे सवाल
दिल्ली पुलिस की कानून-व्यवस्था को लेकर भी तीखे सवाल दागे गए हैं। आलोचकों ने शाहीन बाग आंदोलन का हवाला देते हुए पुलिस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि शाहीन बाग के समय पुलिस का जो रवैया था, वह अब गायब है और वर्तमान में पुलिस शांतिपूर्ण पोस्टर बैनर से भी खौफजदा नजर आ रही है।

इसके साथ ही, हाल ही में हुई तरुण खटीक की पीट पीटकर (मॉब लिंचिंग) हत्या का मुद्दा भी उठाया गया है। आलोचकों का कहना है कि तरुण खटीक की हत्या के समय पुलिस की सक्रियता दिखाई नहीं दी, लेकिन सवर्ण आंदोलन को दबाने की भरपूर कोशिश जारी है फिलहाल आंदोलन तेज होने के आसार है UGC को लेकर दिल्ली का सियासी और सामाजिक पारा चढ़ा हुआ है। विभिन्न छात्र संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता इस मुद्दे पर लामबंद हो रहे हैं, राजधानी में आंदोलन की आग और भड़क सकती है। श्रवण समाज के खिलाफ केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन का बहुत गलत है और हमारे जो नेता नेतृत्व कर रहे हैं उनको प्रताड़ित किया जा रहा है हरिद्वार से पहुंचे श्रीखंड परशुराम अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक जी के नेतृत्व में सैकड़ो की संख्या में स्वर्ण समाज के लोगों को गिरफ्तार किया गया जिसके बाद अधीर जी के द्वारा उन्हें छुड़वाया गया ऐसे ही सभी रास्तों पर श्रवण समाज के लोगों को रोका जा रहा है जबरदस्ती पुलिस ने उठा कर ले जा रही है आंदोलन का नेतृत्व कर रहे महामंडलेश्वर स्वामी आनंद स्वरूप जी एवं करणी सेवा के शेखावत जी पूर्व पीसीएस अधिकारी अग्निहोत्री जी अनिल मिश्रा जी सभी को पुलिस द्वारा धरना स्थल पर नहीं पहुंचने दिया जा रहा है यह पुलिस की मनमानी है हजारों की संख्या में श्रवण समाज के लोग सड़कों पर हैं यदि सरकार द्वारा हमारे शांतिपूर्ण आंदोलन को भंग किया गया तो आने वाले समय में यह आंदोलन उग्र होगा और केंद्र और राज्य सरकारों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा एक और तो आप यूजीसी जैसा काला कानून लेकर सनातन को बांटने का काम कर रहे हैं और दूसरी और तुम हिंदु का नारा देते हैं अब दोगली राजनीति नहीं चलेगी हरिद्वार से पहुंचे महामंडलेश्वर विश्वपुरी जी महाराज ऋषि शर्मा जी अरुण शर्मा जी बालकृष्ण शास्त्री जी जेपी शर्मा जी पवन जी काफी संख्या में श्रवण समाज के लोग मौजूद थे

