कप्तान जीआरपी अरुणा भारती के प्रभावी नेतृत्व में जीआरपी हरिद्वार को मिली शानदार सफलता

मनोज ठाकुर

कप्तान जीआरपी अरुणा भारती के प्रभावी नेतृत्व में जीआरपी हरिद्वार को मिली शानदार सफलता

कप्तान अरुणा भारती के शार्प नेतृत्व में सुलझ रहे हैं, उलझे हुए केस

“मेरा मामा टीटी है” गैंग के दो शातिरों राजेश व विपिन को लगभग 1100 किलोमीटर दूर नेपाल बॉर्डर सीतामढ़ी बिहार से पकड़ लाई जीआरपी हरिद्वार पुलिस

बिहार, झारखंड, फैजाबाद के भोले भाले लोगों को ठगकर मोबाइल व बैंक अकाउंट कर देते थे साफ, जीआरपी हरिद्वार में भेजा जेल

लगातार एक के बाद एक बेहतरीन खुलासे से बदल रही हरिद्वार रेलवे स्टेशन की आबोहवा, अपराधी वर्ग में पसर रहा डर का माहौल

दो शातिरों को कुछ दिन पहले ही जीआरपी हरिद्वार द्वारा भेजा जा चुका जेल, अभी तक हुईं कुल चार गिरफ्तारियां

एक शातिर से पीड़ित का मोबाइल बरामद व दूसरे से पीड़ित का सिम अपने मोबाइल में यूपीआई ट्रांजैक्शन हेतु प्रयोग करने पर, मोबाइल हुआ जब्त

“टीम ने बढ़िया काम किया है, हमारी और भी टीमें एक्टिवेट हैं जल्द ही और खुलासे भी होंगे” :: कप्तान जीआरपी अरुणा भारती

कहते हैं कि अपराधी कितना ही शातिर क्यों न हो एक न एक दिन कानून के चंगुल में फंसकर जेल पहुंचे ही जाता है। कुछ ऐसा ही हुआ हरिद्वार रेलवे स्टेशन के बीते कुछ दिनों में, जब बिहार झारखंड की तरफ के भोले भाले गरीब मजदूर वर्ग को बिहार के ही कुछ शातिर बदमाशों द्वारा बिहारी भाषा में बात करते हुए अपनी चिकनी चुपड़ी बातों में फंसा कर उन सीधे-साधे लोगों के मोबाइल फोन, पिन, आधार कार्ड व बैंक अकाउंट को खाली किया जा रहा था जिनको कप्तान जीआरपी अरुणा भारती के तेजतर्रार नेतृत्व में जीआरपी हरिद्वार पुलिस द्वारा लगभग 1100 किलोमीटर दूर नेपाल बॉर्डर के नजदीक सीतामढ़ी बिहार से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

क्या थी घटना–
रेलवे स्टेशन हरिद्वार में विगत कुछ समय से बिहार के कुछ बदमाशों द्वारा बिहार झारखंड फैजाबाद यूपी की तरफ के मजदूर वर्ग के लोगों को टारगेट करते हुए उनके रेलवे के साधारण किराए के टिकट को स्लीपर क्लास अथवा एक 3 टियर में कंफर्म करने के नाम पर अंग्रेजी में फार्म भरवाने के चलते अपनी बिहारी भाषा में झांसे में लेकर धोखाधड़ी करते हुए पीड़ित का मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पिन लेकर बैंक अकाउंट खाली कर दिया जा रहा था। जिस पर दिनांक 24 जनवरी 2026 को वादी मनोज कुमार तिवारी निवासी ग्राम मंझनपुर फैजाबाद उत्तर प्रदेश द्वारा तहरीर दी गई कि 31-12-26 को मैं अपने घर फैजाबाद अयोध्या उत्तर प्रदेश जा रहा था मेरा रिजर्वेशन नहीं हो पाया था तब अपने रिश्तेदार को रेलवे का अधिकारी बताकर ठग द्वारा रिजर्वेशन पक्का कराने के नाम पर मुझे विश्वास में लेते हुए मेरा मोबाइल, आधार कार्ड और पिन ले लिया था कुछ दिन बाद जब मैं गांव में अपने बैंक गया तब मुझे पता चला कि मेरे अकाउंट से यूपीआई के माध्यम से 60500 रुपए दो खातों में ट्रांजैक्शन किए गए हैं बैंक खातों की डिटेल्स को देखकर मेरे द्वारा थाना जीआरपी हरिद्वार में मुकदमा अपराध संख्या 03/26 धारा 303(2), 318(4) बीएनएस दर्ज करवाया गया था।

कैसे पकड़े गए शातिर–

बैंक से पत्राचार करने के पश्चात प्राप्त बैंक खातों के ट्रांजैक्शन की डिटेल्स के आधार पर प्रकाश में आए प्रहलाद सिंह निवासी ग्राम रंगमती तहसील गोयलकेरा, वेस्ट सिंहभूमि झारखंड के मोबाइल नंबर की जानकारी की गई एवं विभिन्न नंबरों को चेक करने के बाद चल रहे एक नंबर की लोकेशन के आधार पर दिनांक 13-02-26 को सब इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार के नेतृत्व में एक टीम थाना दसुवा जिला होशियारपुर पंजाब भेजी गई। जहां ग्राम दोलोवाल में एक आरा मशीन पर मौजूद मिले प्रहलाद सिंह से पुलिस टीम द्वारा पूछताछ करने पर उसके द्वारा बताया गया कि दिनांक 22.12.25 को तपोवन जोशीमठ कंपनी में काम करने के बाद हरिद्वार आया था मुझे अपने गांव रंगामती थाना गोईलखेरा, झारखंड जाने के लिए उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन पकड़नी थी जिस कारण एक दिन पहले मैं शाम को बस अड्डे हरिद्वार में उतरा और पहाड़ के लंबे सफर के कारण चक्कर आने पर वही साइड में बैठ गया और मेरी आंख लग गई जब उठा तो मेरा मोबाइल, आधार कार्ड, बैंक पासबुक आदि गायब थे। काफी तलाश करने पर नहीं मिला तो मैं जालंधर वाली रोडवेज बस में बैठकर पंजाब चला आया। यहां दोबारा अपना आधार कार्ड निकलवाया और नया सिम लिया मुझे गूगल पे चलाना नहीं आता है। मैं अपने बैंक के काम अपने ठेकेदार के माध्यम से ही कराता हूं। बदमाश ठग लोगों ने मेरे मोबाइल और सिम नंबर का प्रयोग अपने गलत कामों के लिए किया होगा।

उपरोक्त जानकारी के बाद हरिद्वार जीआरपी पुलिस द्वारा दिन-रात मेहनत करते हुए बैंक से पत्राचार कर एवं एसओजी जीआरपी एवं साइबर टीम हरिद्वार से जानकारी एकत्र करते हुए प्राप्त कई सारी टेक्निकल रिपोर्ट्स एवं सीडीआर का मंथन करने के बाद अभियुक्तों के सीतामढ़ी बिहार में होने की जानकारी प्रकाश में आने पर जीआरपी पुलिस टीम द्वारा सिरसिया बाजार थाना बेला जिला सीतामढ़ी बिहार से उपरोक्त मुकदमे से संबंधित दो अभियुक्तों 1) राजेश कुमार पुत्र स्वर्गीय श्री भिखारी चौरसिया उम्र 31 वर्ष निवासी वार्ड नंबर 14 सिरसिया बाजार थाना बेला जिला सीतामढ़ी बिहार एवं 2) विपिन कुमार पुत्र राज किशोर महतो निवासी वार्ड नंबर 6 सिरसिया बाजार थाना बेला जिला सीतामढ़ी बिहार उम्र 31 वर्ष को गिरफ्तार कर लोकल कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर हरिद्वार लाकर माननीय न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा गया।

इनके कब्जे से पीड़ित प्रहलाद सिंह का मोबाइल फोन एवं सिम बरामद हुआ।

दोनों अभियुक्त इतने शातिर थे की अपनी पहचान छुपाने के लिए एक अभियुक्त पीड़ित का मोबाइल किसी और सिम का प्रयोग करते हुए चोरी करने में इस्तेमाल करता था एवं दूसरा अभियुक्त पीड़ित प्रहलाद सिंह के सिम का उपयोग भोले भाले लोगों की खून पसीने की कमाई को यूपीआई ट्रांजैक्शन के लिए किसी दूसरे मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए उपयोग में लाता था।

दोनों अभियुक्तों राजेश एवं विपिन द्वारा बताया गया कि उनके इस काम में रामकिशोर यादव पुत्र रामसेवक राय भी शामिल रहता था जिसको हरिद्वार जीआरपी पुलिस द्वारा कुछ दिन पूर्व ही गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है जो अभी तक जेल के अंदर निरुद्ध है।

इनकी रही विशेष भूमिका–
उपरोक्त पेचीदा केस को टैक्निकल तरीके से सुलझाने में सब इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार एवं एसओजी के दीपक चौधरी एवं करुणेश कुमार की विशेष भूमिका रही।

कप्तान द्वारा टीम को शाबाशी —
कप्तान अरुणा भारती द्वारा बिहार से शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर हरिद्वार लाकर जेल भेजने पर पुलिस टीम को शाबाशी दी गई। स्थानीय जनता द्वारा भी जीआरपी हरिद्वार पुलिस की इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की गई है।

इस कारण पकड़े नहीं जाते थे शातिर–
अभियुक्त इतने शातिर थे कि कैमरों से छुपकर अपना काम करते थे और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के किसी भी काम में मोबाइल अथवा सिम, भी चोरी का ही इस्तेमाल करते थे एवं कुछ घटना करने के बाद मोबाइल व सिम फेंक देते थे। जिस कारण इनको पकड़ना बेहद कठिन था। यह शातिर ठग घटना में बिहार, झारखंड, फैजाबाद व गोरखपुर की तरफ के लोगों को ही टारगेट करते थे और अपनी लोकल बोली भाषा में बात करके जल्दी ही अपने शिकार के साथ घुलमिल जाते थे। केवल 5 – 7 दिन ही एक स्थान पर रहते थे उसके बाद अपनी दूसरी टीम को बताकर उस स्थान को छोड़कर अन्य कहीं ठगी करने चले जाते थे जिस कारण पीड़ित व्यक्ति अथवा पुलिस इन तक नहीं पहुंच पाती थी लेकिन इस बार जीआरपी हरिद्वार पुलिस द्वारा इलेक्ट्रॉनिक एवं मैन्युअल पुलिसिंग पर काम करते हुए इन शातिर चोरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

अभियुक्तगण–

1- राजेश कुमार पुत्र स्वर्गीय श्री भिखारी चौरसिया उम्र 31 वर्ष निवासी वार्ड नंबर 14 सिरसिया बाजार थाना बेला जिला सीतामढ़ी बिहार।

2- विपिन कुमार महतो पुत्र श्री राज किशोर महतो निवासी वार्ड नंबर 6 सिरसिया बाजार थाना बेला जिला सीतामढ़ी बिहार उम्र 31 वर्ष

बरामदगी–
1-मोबाइल फोन रेडमी कंपनी
2- मोबाइल फोन वीवो कंपनी रंग गोल्डन

पुलिस टीम–
बिपिन चंद्र पाठक प्रभारी जीआरपी
सब इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार
कानि0 जितेंद्र पांचाल
कानि0 अंकुर सिंह
कानि0 संदीप राणा
कानि0 करुणेश सिंह एसओजी जीआरपी
कानि0 दीपक चौधरी एसओजी जीआरपी

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