सहारनपुर अपडेट एक प्रेम कहानी, भारी तनाव और पुलिस का ‘सफल’ रेस्क्यू ऑपरेशन।
सांगाठेड़ा मामला कशिश बरामद, पुलिस की योग्यता ने शांत किया ‘लव जिहाद’ का शोर।
गंगोह के सांगाठेड़ा गांव से शुरू हुआ कशिश और आजम का यह प्रकरण पिछले कुछ दिनों से पूरे जिले में चर्चा और तनाव का विषय बना हुआ था। पुलिस की सक्रियता और सूझबूझ ने न केवल दोनों को बरामद किया, बल्कि इलाके में पनप रहे बड़े जातीय और सांप्रदायिक टकराव को भी टाल दिया। सांगाठेड़ा गांव की रहने वाली कशिश कुछ दिन पहले अपने ही गांव के आजम के साथ घर छोड़ कर चली गई थी। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। लड़की के परिजनों ने इसे ‘लव जेहाद’ का मामला बताते हुए आजम और उसके सहयोगियों के खिलाफ अपहरण की गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी।हिंदू संगठनों और ग्रामीणों ने सहारनपुर-गंगोह मार्ग पर धरना दिया और सड़क जाम कर दी। सांगाठेड़ा और आसपास के गांवों में दो समुदायों के बीच तनाव चरम पर था, जिसे देखते हुए प्रशासन ने गांव में भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) तैनात कर दी थी प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को जल्द से जल्द लड़की की बरामदगी का अल्टीमेटम दिया था। फरारी के दौरान कशिश का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में उसने दावा किया कि वह अपनी मर्जी से आजम के साथ गई है। उसने किसी दबाव में घर नहीं छोड़ा।उसने अपनी जान का खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई थी। एसएसपी सहारनपुर के निर्देशन में गठित विशेष टीमों ने सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से दबाव बनाया। अंततः पुलिस ने कशिश और आजम को बरामद कर लिया। बरामदगी के बाद पुलिस ने लड़की का मेडिकल परीक्षण कराया और न्यायालय में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की। एसएसपी ने दोनों पक्षों के प्रबुद्ध लोगों से बात की और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने भावनाओं को भड़कने से पहले ही शांत कर दिया फिलहाल गांव में शांति है, लेकिन एहतियातन पुलिस बल अभी भी तैनात है। कशिश के बयानों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई (आजम की गिरफ्तारी या रिहाई) तय की जा रही है। यह मामला केवल एक प्रेम कहानी तक सीमित नहीं रहा था, बल्कि इसने कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती पेश कर दी थी। सहारनपुर पुलिस की योग्यता और एसएसपी के नेतृत्व की सराहना की जा रही है कि उन्होंने समय रहते स्थिति को संभाल लिया।

