इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि इंदिरा गाँधी, करपात्री जी महाराज के पास पीएम बनने का आशीर्वाद लेने गई थी, क्योंकि करपात्री जी महाराज का आशीर्वाद कभी निष्फल नहीं जाता था।

इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि इंदिरा गाँधी, करपात्री जी महाराज के पास पीएम बनने का आशीर्वाद लेने गई थी, क्योंकि करपात्री जी महाराज का आशीर्वाद कभी निष्फल नहीं जाता था।

तब करपात्री जी ने इस शर्त पर आशीर्वाद दिया था कि पीएम बनते ही सबसे पहले गौ हत्या के विरुद्ध कानून बना कर गौ हत्या बंद करनी होगी,

इंदिरा जी ने वादा किया कि PM बनने पर पहला काम यही करूंगी।

करपात्री जी महाराज के आशीर्वाद से इंदिरा गाँधी पीएम बनी । 👍

इसके करीब दो महीने बाद करपात्री जी महाराज इंदिरा जी से मिले और उनका वादा याद दिला कर गौ हत्या के विरुद्ध कानून बनाने के लिए कहा तो इंदिरा जी ने कहा कि महाराज जी अभी तो मैं नई नई हूँ, कुछ समय दीजिए। कुछ समय बाद करपात्री जी फिर गए और कानून की मांग की लेकिन इंदिरा ने फिर टाल दिया। 😱

कई बार मिलने और वादा याद दिलाने के बाद भी जब इंदिरा ने गौ हत्या बंद नहीं की, कानून नहीं बनाया तो 7 नवम्बर 1966, उस दिन कार्तिक मास, शुक्‍ल पक्ष की अष्‍टमी तिथि थी, जिसे हम-आप

🥢गोपाष्‍ठमी🥢 नाम से जानते हैं, को देश का संत समाज, शंकराचार्य, अपने छत्र आदि छोड़ कर पैदल ही, ने आम जनता के साथ, गायों को आगे आगे करके संसद कूच

इस बार भी कूछ ऐसा हीं हों सकता है

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