एससी एसटी कानून के गलत प्रयोग से बहुत लोगों ने अपनी जिंदगी बर्बाद कर दि

अशर्फी पासवान ने वह कर दिखाया जो बड़े-बड़े तानाशाह नहीं कर पाए
उन्होंने एक ही कलम की नोक से 70 नामजद और 150 अज्ञात , यानी कुल सवा दो सौ लोगों को अभियुक्त बना दिया। अब उस गाँव में ब्राह्मण होना ही शायद सबसे बड़ा अपराध बन गया है

​झगड़ा शुरू हुआ था ‘पैसे के लेन-देन’ से, जो कि इस दुनिया का सबसे पुराना और पवित्र झगड़ा है
पर जब बात मारपीट तक पहुँची और चोटें लगीं, तो न्याय की मांग होनी चाहिए थी
लेकिन यहाँ तो ‘न्याय’ की जगह ‘ब्रह्मास्त्र’ चल गया— SC/ST एक्ट
​अशर्फी बाबू ने सोचा होगा कि एक-दो को फंसाने में क्या मज़ा? जब फंसाना ही है, तो पूरे मोहल्ले को लपेट लो

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *