उत्तराखण्ड में संस्कृत नाटक में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों का सम्मान
हरिद्वार। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध, श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, हरिद्वार, ने उत्तराखण्ड संस्कृत संस्थान, हरिद्वार द्वारा आयोजित 18वीं उत्तराखण्ड राज्यस्तरीय संस्कृत महोत्सव में नाटक विधा में प्रथम स्थान प्राप्त कर महाविद्यालय के इतिहास में एक नवीन अध्याय का सूत्रपात किया। महाविद्यालय की नाट्य-प्रस्तुति ‘भीष्म प्रतिज्ञा’ की निर्णायकों द्वारा अत्यन्त प्रशंसा की गयी तथा इस उपलब्धि के लिए महाविद्यालय को प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹25,000 की नकद राशि प्रदान की गई। महाभारत के प्रेरणादायी प्रसङ्ग पर आधारित ‘भीष्म प्रतिज्ञा’ नाटक में छात्रों ने अपनी उत्कृष्ट अभिनय-क्षमता, प्रभावशाली संवाद, स्वयं निर्मित सशक्त मञ्च-सज्जा तथा भारतीय सांस्कृतिक परम्परा के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता का परिचय दिया। छात्रों के समर्पण, अनुशासन, सामूहिक प्रयास और रचनात्मक प्रतिभा ने इस प्रस्तुति को विशेष प्रभावशाली बनाया था।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. रवीन्द्र कुमार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए छात्रों और नाटक के मार्गदर्शक डॉ. सुमन्त कुमार सिंह, डॉ. सलोनी एवं समस्त महाविद्यालय परिवार को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रदान करते हुए कहा कि यह उपलब्धि छात्रों की प्रतिभा, परिश्रम और संस्कृतनिष्ठ सांस्कृतिक चेतना का प्रतिफल है। उन्होंने भविष्य में भी इसी उत्साह, अनुशासन और समर्पण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य ने बताया कि छात्रों के उत्साहवर्धन के लिये 11000/- की पुरस्कार राशि महाविद्यालय भी छात्रों को प्रदान करेगा। इस अवसर पर उपस्थित महाविद्यालय की प्रबन्धसमिति के अध्यक्ष प्रो. यशवीर सिंह ने नाटक के निर्देशक डॉ. सुमन्त कुमार सिंह व डॉ. सलोनी का स्वागत करते हुए माल्यार्पण कर सभी मञ्चनकर्ता छात्रों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. रवीन्द्र कुमार जी के मार्गदर्शन में महाविद्यालय शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध हो रहा है। महाविद्यालय छात्रों के सर्वाङ्गीण विकास के लिये निरन्तर प्रयासरत है। डॉ. रवीन्द्र कुमार एवं अन्य सभी प्राध्यापकों के नेतृत्व में सामूहिक परिश्रम ने महाविद्यालय को राज्य स्तर पर गौरवान्वित किया है।

