GANGA NEWS 24 | धर्म / आस्था विशेष
बाबा नीब करौरी महाराज – हनुमान जी के साक्षात अंश, जिनके चमत्कारों ने दुनिया को झुकाया
देश-विदेश में पूज्य बाबा नीब करौरी (नीम करौली बाबा / महाराज-जी) का नाम आस्था और चमत्कार का पर्याय है। वे हनुमान जी के अनन्य भक्त थे, भक्त उन्हें हनुमान जी का अंश ही मानते हैं।
● मूल जानकारी:
भक्तों के अनुसार बाबा का असली नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा था। कुछ ग्रंथों में लक्ष्मण नारायण शर्मा भी बताया जाता है। उनका जन्म लगभग 1900 में (मार्गशीर्ष शुक्ल अष्टमी, 30 नवंबर 1900) उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले की टूंडला तहसील के अकबरपुर गांव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था।
बचपन में ही लगभग 11 वर्ष की आयु में उनका विवाह रामबेटी देवी से हो गया था। उनके दो पुत्र अनेक सिंह शर्मा, धर्म नारायण शर्मा और एक पुत्री थीं, पर बचपन से ही उनमें वैराग्य की भावना थी।
● नाम नीब करौरी कैसे पड़ा?
कहा जाता है कि युवावस्था में साधु वेश में बिना टिकट ट्रेन में यात्रा के दौरान उन्हें फर्रुखाबाद के नीब करौरी (नीम करोली) गांव के पास उतार दिया गया। उसके बाद ट्रेन आगे ही नहीं बढ़ी। अधिकारियों के अनुरोध पर जब बाबा वापस ट्रेन में बैठे तभी ट्रेन चली। इसी चमत्कारिक घटना के बाद वे नीब करौरी / नीम करौली बाबा के नाम से प्रसिद्ध हुए। उन्हें हांडी वाले बाबा, तलैया बाबा, चमत्कारी बाबा भी कहा जाता है।
● जीवन और प्रमुख आश्रम:
घर छोड़कर साधना करने के बाद वे परिवार के अनुरोध पर लौटे, फिर पूर्ण रूप से आध्यात्मिक मार्ग पर निकल गए।
उनके प्रमुख आश्रम / मंदिर:
1. कैंची धाम (नैनीताल, उत्तराखंड) – 1964 में स्थापित, सबसे प्रसिद्ध केंद्र
2. वृंदावन धाम
3. भूमियाधार, काकरीघाट, हनुमानगढ़ी
● संदेश:
बाबा हमेशा कहते थे – “सब एक हैं”। उनका मूल मंत्र था प्रेम, सेवा और सत्य। आज भी देश-विदेश के बड़े-बड़े उद्योगपति, अभिनेता और आम भक्त कैंची धाम में उनके आशीर्वाद के लिए आते हैं।
जय नीम करौली बाबा | जय बजरंग बली | GANGA NEWS 24

