हरिद्वार – नजीबाबाद हाईवे स्थित ढाबे से गंदा पानी सुखी नदी में छोड़ने पर प्रदूषण बोर्ड सख्त, 15 दिन का अल्टीमेटम
हरिद्वार। हरिद्वार-नजीबाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर श्यामपुर स्थित खैरा पंजाबी ढाबे से निकलने वाले गंदे पानी को खुले में सुखी नदी में छोड़े जाने की शिकायत का उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने संज्ञान लिया है। बोर्ड की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। जांच के बाद ढाबा संचालक को गंदे पानी की खुले में निकासी तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्षेत्रीय अधिकारी राजेंद्र सिंह के अनुसार, ढाबे से निकलने वाले अपशिष्ट जल का खुले में निस्तारण नियमों के अनुरूप नहीं है। संचालक को गंदे पानी के निस्तारण के लिए वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूडब्ल्यूटीपी) स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही ढाबे से निकलने वाले ठोस अपशिष्ट का भी नियमानुसार निस्तारण करने और इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से आवश्यक अनुमति लेने को कहा गया है।
बोर्ड ने सभी कमियों को दूर करने और निर्धारित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए संचालक को 15 दिन का समय दिया है। क्षेत्रीय अधिकारी ने स्पष्ट किया कि तय अवधि में निर्देशों का पालन नहीं होने पर संबंधित नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि ढाबे से निकलने वाला गंदा पानी सुखी नदी में पहुंचने की बात सामने आई थी। इससे नदी के जलस्रोत और आसपास के पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई थी।

